कटिहार जिले के कुरसेला प्रखंड अंतर्गत उत्तरी मुरादपुर पंचायत में मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ अनुरक्षण कार्यक्रम के तहत बनी सड़क भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है. लाखों रुपये की लागत से बनी यह ग्रामीण सड़क पहली बारिश का पानी भी नहीं झेल सकी और निर्माण के कुछ महीनों के भीतर ही पूरी तरह जर्जर हो गई. सड़क पर जगह-जगह बने जानलेवा गड्ढों और जलभराव के कारण स्थानीय ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है.
35.97 लाख की योजना, संवेदक ने मनमानी कर बदला रूट
ग्रामीणों का कहना है कि उत्तरी मुरादपुर पंचायत के वार्ड संख्या 6 और 4 को जोड़ने के लिए 35.973 लाख रुपये की लागत से इस सड़क का निर्माण स्वीकृत हुआ था:
- अधूरा व गलत निर्माण: योजना के अनुसार सड़क को बल्थी महेशपुर चौक से वार्ड 5 होते हुए यादव टोला (वार्ड 6) तक बनाया जाना था. लेकिन संवेदक ने मनमानी करते हुए सड़क को यादव टोला तक न बनाकर वार्ड 4 (मंडल टोला) तक ही बनाकर छोड़ दिया.
- समय-सीमा की अनदेखी: सूचना बोर्ड के मुताबिक कार्य 21 सितंबर 2023 से शुरू होकर जून 2025 में पूरा होना था, जबकि निर्माण कार्य की वास्तविक शुरुआत 2025 में की गई.
गुणवत्ताहीन कालीकरण, महीनों में ही धंस गई सड़क
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण के दौरान मानक सामग्री का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं किया गया:
गुणवत्ता पर उठे सवाल: "कालीकरण (Pitching) बनते ही उखड़ने लगा था. संवेदक ने खानापूर्ति के लिए पैचवर्क तो किया, लेकिन मानसून की पहली बारिश में ही सड़क पूरी तरह बैठ गई. 5 साल तक मेंटेनेंस के लिए ₹12.060 लाख की अलग से व्यवस्था अंकित होने के बावजूद ठेकेदार सुध लेने नहीं आया."
जनआक्रोश और भाजपा नेता ने की सख्त कार्रवाई की मांग
सड़क की इस बदहाली को लेकर वार्ड 4, 5 और 6 के ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है. रात के अंधेरे में इस मार्ग से गुजरना हादसों को दावत देने जैसा हो गया है:
- अधिकारियों से गुहार: भाजपा नेता पवन कुमार सिंह एवं स्थानीय ग्रामीणों ने निर्माण में बरती गई अनियमितता की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी संवेदक पर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है.
- त्वरित मरम्मत की मांग: ग्रामीणों ने कार्यपालक अभियंता और संबंधित विभाग से अविलंब अनुरक्षण राशि का उपयोग कर सड़क की पक्की मरम्मत कराने की मांग की है ताकि लोगों को आवागमन में राहत मिल सके.
