फसलो पर गर्मी का प्रतिकुल प्रभाव से किसान चिंतित कुरसेला बढ़ती गर्मी के तपिश से आमजन परेशान होने लगे हैं.तापमान के बढ़ने से मानव सहित पशु पक्षियों की परेशानी बढ़ गयी है.फसलो पर गर्मी का प्रतिकुल प्रभाव होने लगा है. भूजलस्तर श्रोत के नीचे जाने से चापानल आदि साधनों से पानी की आपूर्ति कम होती जा रही है.नदी जलाशय सुखने लगा है. सुखते जलाशयों से पशुओं को पीने के पानी का समस्या बढ़ गया है. बढ़ते गर्मी के साथ कोसी गंगा नदियों का प्रवाह का दायरा सिमटता जा रहा है.गंगा पार दियारा क्षेत्र के बालू रेत के बीहड़ों में मोसमी नदियां सुखने लगी है.उस पर गर्मी की बढ़ती तपिश लोगों के लिये परेशानी का सबब बन रहा है.हाट बाजारों में बढ़ते गर्मी से लोग परेशान होने लगे हैं.तेज धूप के बीच बाजारों में चहल पहल घट गयी है.हलांकि गेहूं, मक्का, दलहन आदि फसलों के कटनी का समय आने से धूप से किसानों को फसल तैयार करने में सहूलियत मिल रही है. अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में गर्मी का तापमान अधिक बढ़ सकता है. अप्रैल के अंतिम सप्ताह से मई मे तापमान अधिक बढ़ सकता है. बढ़ने वाला तापमान मानव सहित पशु पक्षियों को झुलसा सकता है. नागरिक सुरक्षा विभाग से बताया गया है कि अप्रैल के अंतिम सप्ताह से मई माह मे तापमान 47 डिग्री से 55 डिग्री तक जा सकता है. विभाग से जारी चेतावनी में जनमानस को सावधान किया है कि इस दौरान पृथ्वी पर लगभग 70 प्रतिशत अल्ट्रावायलेट किरणे पड़ने की सम्भावना है. कई प्रकार से सावधानी बरतने का सलाह दिया है. किसानो का कहना है कि धुप के तापमान बढ़ने से जमीन में नमी कम होने लगी है.नदियों के तटीय क्षेत्रो के खेतो में धूल उड़ रहा है.जिससे खरीफ भदई फसल का समय पर बुआई करना कठिन होगा. समय पर बारिश कृषकों को खेती में राहत दे सकती है. मौसम का बढ़ते तापमान से जनजीवन झुलसने लगा है.
मानव सहित पशु-पक्षियों को झुलसा रहा बढ़ता तापमान
मानव सहित पशु-पक्षियों को झुलसा रहा बढ़ता तापमान
