कटिहार में नगर निगम के दावों की खुली पोल: झमाझम बारिश के बाद सड़कों पर जलजमाव, वार्ड 2 में आक्रोशित लोगों ने किया था पार्षद का घेराव

कटिहार नगर निगम क्षेत्र में साफ-सफाई और विकास के बड़े-बड़े दावों की बीती बुधवार की देर रात हुई झमाझम बारिश ने पूरी तरह हवा निकाल दी है. पहली ही मूसलाधार बारिश के बाद शहर के अधिकांश मुख्य मार्गों और रिहायशी वार्डों में भीषण जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे पूरे शहर की रफ्तार थम सी गई है.

दुकानों के आगे भरा पानी, राहगीर और दुकानदार खुद के भरोसे

बारिश के बाद नगर निगम के ड्रेनेज सिस्टम (नाला व्यवस्था) की विफलता साफ तौर पर देखने को मिली. शहर के वार्ड नंबर एक, वार्ड नंबर दो सहित दर्जनों मोहल्लों की सड़कों पर एक से दो फीट तक गंदा पानी जमा हो गया है. स्थिति इतनी नारकीय हो गई है कि कई मुख्य बाजारों में दुकानों के ठीक आगे पानी भर जाने की वजह से दुकानदारों का धंधा पूरी तरह ठप है. बेबस दुकानदार अपने खर्च पर राविश (ईंट-पत्थर का चूरा) और मिट्टी गिराकर रास्ते को किसी तरह चलने लायक बनाने की जुगत में लगे हुए हैं, ताकि ग्राहक उनकी दुकान तक पहुंच सकें.

शमशेरगंज मार्ग की स्थिति सबसे विकट, 200 मीटर के दायरे में बने जानलेवा गड्ढे

शहर में सबसे बदतर और भयावह स्थिति वार्ड नंबर दो अंतर्गत शमशेरगंज जाने वाली मुख्य सड़क की बनी हुई है. इस महत्वपूर्ण पथ पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन जाने की वजह से पूरी सड़क ने तालाब का रूप अख्तियार कर लिया है. महज दो सौ मीटर की दूरी के भीतर इस सड़क पर कई जगहों पर इस कदर भारी जलभराव हुआ कि पैदल यात्रियों, महिलाओं और स्कूली बच्चों का निकलना पूरी तरह दूभर हो गया. मुख्य पथ तक पहुंचने के लिए लोगों को गंदे नाले के पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है.

नाराज जनता ने किया था वार्ड पार्षद के आवास का घेराव

सड़क की इस बदहाली और जलजमाव के खिलाफ स्थानीय मोहल्ला वासियों का गुस्सा अब फूट पड़ा है. वार्ड के जागरूक नागरिक सूरज कुमार, सन्नी कुमार, रमण सिंह और संजय ठाकुर सहित दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क अब आम जनों के लिए पूरी तरह खतरनाक साबित हो रही है. रात के अंधेरे में गड्ढे न दिखने के कारण लगातार बाइक और टोटो चालक पलटकर चोटिल हो रहे हैं. स्थानीय लोगों ने खुलासा किया कि इस समस्या के स्थाई समाधान की मांग को लेकर दो दिन पूर्व ही भारी संख्या में आक्रोशित जनता ने वार्ड पार्षद के आवास पर पहुंचकर उनका घेराव किया था और जमकर विरोध प्रदर्शन किया था. उस समय पार्षद द्वारा समस्या निवारण के लिए दो से तीन दिन का समय मांगा गया था, लेकिन बुधवार रात की बारिश ने एक बार फिर जख्मों को हरा कर दिया.

शिकायत के बाद हरकत में आया निगम: सक्शन वाहन से खिंचा गया पानी, गिराया जाएगा राविश

लगातार बढ़ती शिकायतों और हंगामे की स्थिति को देखते हुए गुरुवार सुबह करीब साढ़े दस बजे नगर निगम प्रशासन हरकत में आया. निगम की ओर से तुरंत विशेष सक्शन टैंकर (पानी खींचने वाला वाहन) भेजकर शमशेरगंज मार्ग और अन्य प्रभावित जलजमाव वाले स्थलों से पानी को खिंचवाकर खाली कराया गया, जिसके बाद यातायात आंशिक रूप से सुचारू हो सका. इस संबंध में संबंधित वार्ड की पार्षद मुसर्रत जहां ने बताया कि उन्होंने जनता के आक्रोश और जलजमाव की गंभीर स्थिति से नगर निगम के वरीय अधिकारियों को तुरंत अवगत कराया था. पार्षद के अनुसार, निगम प्रशासन की ओर से त्वरित कार्रवाई करते हुए वाहन भेजकर दो प्रमुख जगहों से जलनिकासी सुनिश्चित करा दी गई है. सड़क के गड्ढों को भरने के लिए नगर प्रशासन को पुनः लिखित रूप से मांग भेजी गई है. अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिया गया है कि आगामी एक से दो दिनों के भीतर चिन्हित जर्जर स्थलों पर राविश गिराकर सड़क को पूरी तरह समतल और सुरक्षित बना दिया जाएगा.

कटिहार से सरोज कुमार की रिपोर्ट:

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Published by: Divyanshu Prashant

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