-खेतों में पक चुकी गेहूं की फसल धाराशायी, मकई की फसल गिरने से चेहरे पर सिकन -शुक्रवार देर रात से आती-जाती बिजली की शनिवार रात तक रही जारी, लोग हुए परेशान कटिहार अचानक मौसम के बदले मिजाज के बाद शुक्रवार की देरशाम से देरशाम तक हुई आंधी और झमाझम बारिश से किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा. शहरी क्षेत्रों में कुछ देर के लिए जलजमाव सा नजारा उत्पन्न हो गया. वार्ड नम्बर एक के कई पीसीसी सड़कों पर जलजमाव से लोगों का आवागमन बाधित हो गया. देररात हुई बारिश के बीच कई जगहों पर सड़कों पर पेड़ गिर जाने से बिजली गुल होने से आमजन परेशान हो गये. सबसे अधिक परेशानी मक्का व गेहूं किसानों को हुई, खेतों में पक कर तैयार गेहूं की फसल बीघा के बीघा धाराशायी हो गये जबकि, मोच पर आ रहे मकई की फसल भी काफी बबाद हो गये. दूसरे दिन किसान जब अपने खेतों में पहुंचे तो फसलों को गिरे देख उनके अरमान धरे के धरे रह गये. दलन पूरब पंचायत में भी कई एकड़ में लगी गेहूं और मकई की फसल गिर गये. किसान पूनम ठाकुर, राजेश सिंह, रविंदर राय, नीता ठाकुर, गोपाल चंद्र यादव, दिनेश मोहन ठाकुर, रवि शंकर चौधरी, विनोद सिंह, विनय सिंह, धर्मेंद्र सिंह, अनंत कुमार सिंह ,अजय सिंह, जीतेन्द्र सिंह, लक्ष्मण सिंह, सरयुग सिंह समेत किसानों का कहना था गेहूं की फसल पक कर तैयार थे अब उसे काटना रह गया था, लेकिन शुक्रवार को देरशाम से देररात हुई बारिश ने उनके सभी सपनों के पंखों को कतर कर रख दिया. पंचायत में बड़े पैमाने पर लगी मक्का और गेहूं की फसल पूरी तरह बबाद हो गयी. इससे उनके सामने अब जीवन यापन और कर्ज चुकाने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. किसान रविशंकर चौधरी, जीतेन्द्र सिंह, लक्ष्मण सिंह , सरयुग सिंह का कहना है कि गेहूं की फसल कटाई के करीब थी और पक कर तैयार होने वाली थी, लेकिन तेज आंधी के कारण वह जमीन पर गिर गयी. मक्का की फसल में मूंछे निकल रहीं थीं जो इस आंधी बारिश से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. किसानों ने बताया कि अब इन फसलों से लागत निकालना भी मुश्किल प्रतीत हो रहा है. प्रभावित किसानों ने बताया कि उन्होंने साहूकारों और बैंकों से कर्ज लेकर खेती की थी, फसल बबाद होने से उनकी मेहनत और निवेश दोनों व्यर्थ हो गयें है, किसानों ने बताया कि उनके पास अब अगली फसल के लिए पैसे नहीं बचे हैं और परिवार का भरण पोषण करना भी कठिन हो गया है. किसानों ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि कृषि विभाग की टीम भेजकर फसल क्षति का सवें कराने की मांग की है, उन्होंने उचित मुआवजा राशि प्रदान करने की अपील की है, ताकि वे इस आथिक संकट से उबर सकें. प्रखंड कृषि पदाधिकारी को दिया जांच का आदेश 20 मार्च को आंधी एवं असामयिक वषापात से हुई फसल क्षति जांच कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को सभी बीएओ को दिया है. आंधी व असामयिक वर्षापात से हुई फसल क्षति से सम्बंधित प्रतिवेदन कृषि निदेशालय, बिहार पटना द्वारा मांगी है. 21 मार्च के अपराह्न चार बजे तक आंधी एवं असामयिक वर्षा से हुई फसल क्षति का प्रतिवेदन अचूक रूप से उनके कायालय को उपलब्ध कराने को गया है. अगर क्षति शून्य है तो शून्य प्रतिवेदित करेंगे. मिथिलेश कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी, कटिहार
मौसम का बदला मिजाज, अगले 48 घंटे तक जिले में हो सकती है बारिश
मौसम का बदला मिजाज, अगले 48 घंटे तक जिले में हो सकती है बारिश
