1181 करोड़ की नई रेल लाइन परियोजना का जीएम ने किया निरीक्षण, मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य

Rail Division Inspection: रेलवे कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए सीमांत रेलवे ने कमर कस ली है. कटिहार रेल मंडल के तहत बन रही एक बेहद महत्वपूर्ण और अरबों रुपये की नई रेल लाइन परियोजना की जमीनी हकीकत जानने खुद महाप्रबंधक ट्रैक पर उतरे, जिसके बाद काम में और तेजी आने की उम्मीद है.

Rail Division Inspection: कटिहार से नीरज की रिपोर्ट: पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (निर्माण) के महाप्रबंधक आशीष बंसल ने कटिहार रेल मंडल के एकलाखी–बालुरघाट और बालुरघाट–हिली सेक्शनों में चल रहे विकास कार्यों का व्यापक संरक्षा निरीक्षण किया. उन्होंने बालुरघाट–हिली नई ब्रॉड गेज रेल लाइन परियोजना के तहत पटरियों की स्थिति, पुलों, स्टेशन विकास और निर्माण गतिविधियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए.

1181.09 करोड़ की लागत से बिछ रही है नई रेल लाइन

कटिहार रेल मंडल के तहत पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले में 29.257 किलोमीटर लंबे बालुरघाट–हिली नई ब्रॉड गेज रेल लाइन परियोजना का निर्माण कराया जा रहा है. इस पूरी परियोजना की अनुमानित लागत 1181.09 करोड़ रुपये है. इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाना और सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देना है. परियोजना के लिए आवश्यक 156.38 हेक्टेयर भूमि का शत-प्रतिशत अधिग्रहण पहले ही पूरा हो चुका है और जमीन रेलवे को हस्तांतरित की जा चुकी है.

11 बड़े और 43 छोटे पुलों का हो रहा निर्माण, मार्च 2027 का लक्ष्य

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत 11 बड़े पुल, 43 छोटे पुल, स्टेशन भवन, रोड ओवर ब्रिज (आरओबी), रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी), स्टाफ क्वार्टर और ट्रैक निर्माण का काम शामिल है. समयबद्ध तरीके से काम को पूरा करने के लिए अनेक विकासात्मक गतिविधियां निरंतर प्रगति पर हैं. रेलवे ने इस पूरी परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य मार्च 2027 निर्धारित किया है. निरीक्षण के दौरान भविष्य में सुरक्षित और विश्वसनीय ट्रेन परिचालन सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा मानकों और निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया गया.

जीएम ने ट्रॉली से किया निरीक्षण, लाभा-कुमेदपुर सेक्शन के कार्यों को परखा

महाप्रबंधक ने परियोजना के तहत चल रहे सभी महत्वपूर्ण अवसंरचना कार्यों की प्रगति की गहराई से समीक्षा की. इसके साथ ही बालुरघाट–कुमेदपुर और लाभा-कुमेदपुर सेक्शनों में चल रहे इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एवं कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) कार्यों का भी आकलन किया गया. संरक्षा संबंधी पहलुओं को बारीकी से देखने के लिए जीएम ने अधिकारियों के साथ ट्रॉली से निरीक्षण किया. इस मौके पर मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कटिहार मंडल के कई रेल अधिकारी मौजूद रहे.

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Published by: Divyanshu Prashant

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