कटिहार जिले के आजमनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत एक परिवार पर उस वक्त दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब परदेस से घर लौट रहे युवक की ट्रेन में ही रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई. 15708 आम्रपाली एक्सप्रेस के कोच संख्या 'एम-1' (M-1) की सीट संख्या 17 पर यात्रा कर रहे 37 वर्षीय महेंद्र सिंह की खगड़िया जिले के महेशखूंट रेलवे स्टेशन के समीप अचानक तबीयत बिगड़ने या संदिग्ध हालात में जान चली गई. जैसे ही यह मनहूस खबर आजमनगर स्थित उनके पैतृक आवास पर पहुंची, परिजनों की चीत्कार से पूरा इलाका दहल उठा और गांव में मातम छा गया.
घर पहुंचने से पहले ही रास्ते में थमीं सांसें
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, 37 वर्षीय महेंद्र सिंह किसी जरूरी निजी कार्य के सिलसिले में बाहर गए हुए थे और आम्रपाली एक्सप्रेस पकड़कर अपने गृह क्षेत्र आजमनगर लौट रहे थे. सफर के दौरान जब ट्रेन महेशखूंट रेलवे स्टेशन के समीप पहुंची, तभी अचानक उनकी संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई. सहयात्रियों और रेल कर्मियों की सूचना के बाद हड़कंप मच गया.
शव पहुंचते ही मचा कोहराम, गमगीन हुआ माहौल
ट्रेन में युवक की असामयिक मौत की खबर मिलते ही मृतक के घर ग्रामीणों और रिश्तेदारों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा. मां, पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है. परिजनों की चीखों और विलाप से वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं. पूरा माहौल गमगीन बना हुआ है.
रेलवे पुलिस ने कराया पोस्टमार्टम, मौत की वजहों पर सस्पेंस बरकरार
घटना की सूचना मिलते ही रेल पुलिस (GRP) और स्थानीय पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए शव को अपने कब्जे में लिया. विधिक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया और फिर उसे अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया. हालांकि, युवक की मौत जहरखुरानी, अचानक हार्ट अटैक या किसी अन्य हादसे की वजह से हुई—इस पर रहस्य का पर्दा पड़ा हुआ है. स्थानीय स्तर पर घटना के कारणों को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं.
आर्थिक संकट में घिरे परिजन, निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग
मृतक के पिता आंधी राम सिंह और भाई सिलठू सिंह ने फूट-फूट कर रोते हुए बताया कि महेंद्र ही परिवार का मुख्य सहारा था. उसकी अचानक हुई मौत से पूरे परिवार के सामने भरण-पोषण और गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. शोकाकुल परिजनों ने रेल प्रशासन, जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की है कि:
- पूरे मामले की गहराई से निष्पक्ष जांच कर मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाए.
- यदि किसी स्तर पर चिकित्सीय या सुरक्षा संबंधी लापरवाही हुई है, तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो.
- बेसहारा हो चुके पीड़ित परिवार को तत्काल उचित आर्थिक मुआवजा और सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाए.
