– उच्च न्यायालय झारखंड के दिशा-निर्देश को नजर अंदाज करने का लगाया आरोप कटिहार झारखंड के साहेबगंज जिला अंतर्गत नेताजी सुभाष कॉलोनी निवासी अंकुश राजहंस ने सोमवार को जिला दंडाधिकारी कटिहार को पत्र लिखकर मनिहारी-साहिबगंज अंतर्राज्यीय फेरी सेवा के बंदोबस्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाया है. डीएम को लिखे पत्र में अंकुश राजहंस ने कहा है कि हाई कोर्ट ऑफ झारखंड ने डब्ल्यूपी (सी) 4233 ऑफ 2024, अंकुश राजहंस बनाम स्टेट ऑफ़ झारखंड व अन्य में इंटर-स्टेट फेरी (साहिबगंज – मनिहारी) ऑक्शन के बारे में कई निर्देश जारी किए है. डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट कटिहार भी एक रिस्पॉन्डेंट है. समाहर्ता कटिहार की ओर से 496 दिनांक 25-02-2026 के माध्यम से मनिहारी-साहेबगंज अंतरराज्यीय फेरी सेवा की बंदोबस्ती संबंधी सूचना में उच्च न्यायालय झारखंड के दिशानिर्देश को नजरअंदाज किया गया है. उन्होंने डीएम को लिखे पत्र में कहा है कि इस ऑक्शन नोटिफिकेशन में उच्च न्यायालय झारखंड द्वारा जारी निर्देशों को पूरी तरह से नज़र अंदाज़ किया गया है. पत्र में यह कहा है कि झारखंड हाई कोर्ट के 15-01-2025 के ऑर्डर को सिर्फ़ देखने से यह साफ़ है कि जिन घाटों की नीलामी होनी है. उनके नाम बताए जाने हैं और मेमो नंबर- 496 दिनांक 25-02-2026 का नीलामी नोटिफिकेशन, 15;01-2025 के ऑर्डर के खिलाफ़ है. उन्होंने पत्र में इस बात का जिक्र किया है कि एडिशनल कलेक्टर, साहिबगंज को 11-06-2025 के ऑर्डर से कोर्ट की अवमानना करने का दोषी ठहराया गया है. क्योंकि उन्होंने 15-01-2025 के ऑर्डर के खिलाफ़ वैसा ही नीलामी नोटिफिकेशन जारी किया था.
मनिहारी-साहेबगंज अंतर्राज्यीय फेरी सेवा की बंदोबस्ती प्रक्रिया पर सवाल
मनिहारी-साहेबगंज अंतर्राज्यीय फेरी सेवा की बंदोबस्ती प्रक्रिया पर सवाल
