कटिहार से राणा सिंह की रिपोर्ट
Private Hospitals: कटिहार जिला समाहरणालय सभागार में शनिवार की शाम जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई, इस बैठक में जिले के निजी नर्सिंग होम, क्लीनिक एवं अस्पतालों के संचालकों के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों ने हिस्सा लिया, बैठक में मुख्य रूप से सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ सिंह और डीपीएम डॉ. किसलय कुमार सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे, बैठक का मुख्य एजेंडा निजी स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा दी जाने वाली सेवाओं के आंकड़ों को स्वास्थ्य सूचना प्रबंधन प्रणाली यानी एचएमआईएस (HMIS) पोर्टल पर नियमित रूप से अपलोड कराना था.
डेटा प्रविष्टि में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, डीएम ने दिए सख्त निर्देश
जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने निजी अस्पताल संचालकों को हिदायत देते हुए निम्नलिखित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए:
- इन आंकड़ों को दर्ज करना अनिवार्य: निजी संस्थानों में होने वाले सभी प्रसव (डिलीवरी), परिवार नियोजन सेवाएं, महिला बंध्याकरण, पुरुष नसबंदी, गर्भनिरोधक उपायों के उपयोग तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े सभी आंकड़ों को समयबद्ध तरीके से पोर्टल पर अपलोड करना होगा.
- सटीक आंकड़ों की अहमियत: डीएम ने स्पष्ट किया कि जिले की वास्तविक स्वास्थ्य स्थिति का आकलन, सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन तथा चिकित्सा संसाधनों का सही आवंटन पूरी तरह से सटीक आंकड़ों पर ही निर्भर करता है.
- सरकारी रिकॉर्ड में शामिल हो डेटा: चूंकि निजी अस्पतालों में बहुत बड़ी संख्या में मरीज अपना इलाज कराते हैं, इसलिए वहां दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं का डेटा भी सरकारी रिकॉर्ड में शामिल होना बेहद आवश्यक है, इस कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
स्वास्थ्य नीतियों के निर्माण में एचएमआईएस पोर्टल की भूमिका
समीक्षा का आधार: बैठक में मौजूद स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि एचएमआईएस पोर्टल पर उपलब्ध डेटा के आधार पर ही मातृ मृत्यु दर (MMR), शिशु मृत्यु दर (IMR) तथा प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण संकेतकों का मूल्यांकन किया जाता है, इसके साथ ही राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर रिपोर्टिंग, निगरानी और नई स्वास्थ्य नीतियों के निर्माण में भी इन आंकड़ों की केंद्रीय भूमिका होती है.
बेहतर स्वास्थ्य सूचकांक के लिए समन्वय की अपील
प्रशासनिक अपील:
जिला पदाधिकारी ने कहा कि जब सभी निजी स्वास्थ्य संस्थान अपने यहां संपन्न होने वाली चिकित्सा सेवाओं का शत-प्रतिशत विवरण पोर्टल पर दर्ज करेंगे, तभी जिले के स्वास्थ्य सूचकांकों में अपेक्षित सुधार लाया जा सकेगा और स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर मॉनिटरिंग संभव होगी, बैठक के समापन पर सिविल सर्जन और अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों ने निजी अस्पताल संचालकों से स्वास्थ्य विभाग के साथ मजबूत समन्वय (कोऑर्डिनेशन) बनाकर जनहित में कार्य करने की अपील की.
