कटिहार जिले के फलका प्रखंड में पंचायती राज व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, हाई-टेक और विकासोन्मुख बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है. प्रखंड की सात विभिन्न पंचायतों के मुखिया 5-दिवसीय अध्ययन सह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम (Study and Training Tour) में हिस्सा लेने के लिए उत्तराखंड के देहरादून रवाना हुए हैं. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 21 जुलाई से 25 जुलाई 2026 तक आयोजित किया जाएगा.
देहरादून जाने वाले मुखियाओं में ये हैं शामिल
फलका प्रखंड की विभिन्न पंचायतों का प्रतिनिधित्व करने वाले निम्नलिखित सात मुखिया इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण दौरे पर गए हैं:
- विनोद मृधा – मुखिया, पीरमोकाम पंचायत
- राजेश रंजन – मुखिया, रहटा पंचायत
- बीबी फातिमा उर्फ पुष्पा इमरान – मुखिया, मघेली पंचायत
- राजू नायक – मुखिया, मोरसंडा पंचायत
- अब्दुल माजिद – मुखिया, सालेहपुर पंचायत
- चंदना झा – मुखिया, सोहथा उत्तरी पंचायत
- भारती कुमारी – मुखिया, हथवाड़ा पंचायत
सभी जनप्रतिनिधि पटना जंक्शन से तेजस राजधानी एक्सप्रेस के जरिए दिल्ली होते हुए देहरादून के लिए रवाना हुए.
प्रशिक्षण के दौरान क्या सीखेंगे जनप्रतिनिधि?
इस 5-दिवसीय प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को आधुनिक कार्यप्रणाली से जोड़ना है. प्रशिक्षण सत्र के दौरान मुखियाओं को निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर प्रशिक्षित किया जाएगा:
- ठोस-तरल अपशिष्ट प्रबंधन (SLWM): गांवों को स्वच्छ बनाने और कचरा प्रबंधन के आधुनिक तरीकों की जानकारी.
- जल संरक्षण व पर्यावरण: वर्षा जल संचयन और जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के उपाय.
- डिजिटल पंचायत सेवाएं: ग्राम पंचायतों में ई-गवर्नेंस और ऑनलाइन सेवाओं को प्रभावी बनाना.
- महिला सहभागिता व आजीविका: ग्राम सभाओं का सुचारू संचालन, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और आजीविका संवर्धन के नवाचार.
- सफल पंचायत मॉडल: देश की सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली पंचायतों के विकास मॉडल्स (Best Practices) का ऑन-ग्राउंड अध्ययन.
अभियान का उद्देश्य: इस राज्य स्तरीय एक्पोजर विजिट से वापस लौटने के बाद सभी मुखिया अपने-अपने क्षेत्रों में आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों को लागू करेंगे, जिससे फलका प्रखंड की पंचायतों में ग्रामीण विकास को एक नई गति और दिशा मिल सकेगी.
