फलका हाट जाने वाली सड़क पर जलजमाव से बढ़ी परेशानी, राहगीरों में नाराजगी

Phalka Market Waterlogging: कटिहार जिला अंतर्गत फलका मुख्य बाजार से हाट जाने वाली प्रमुख सड़क लंबे समय से जलजमाव की मार झेल रही है. प्रशासनिक उदासीनता के कारण सड़क पर जमा गंदा पानी अब संक्रामक बीमारियों और स्थानीय विसंगतियों का मुख्य केंद्र बन चुका है, जिससे आम जनता में भारी आक्रोश संधारित है.

कटिहार (फलका) से अली अहमद की रिपोर्ट

Phalka Market Waterlogging: बिहार के ग्रामीण प्रक्षेत्रों को मुख्य धारा से जोड़ने के सरकारी दावों के बीच कटिहार के फलका से एक परेशान करने वाली जमीनी हकीकेट सामने आई है. फलका मुख्य बाजार से साप्ताहिक हाट को जोड़ने वाली सबसे प्रमुख सड़क इन दिनों जलजमाव के कारण पूरी तरह बदहाल हो चुकी है. सड़क पर कड़ा नाला निर्माण नहीं होने के कारण लंबे समय से गंदा और दुर्गंधयुक्त पानी जमा है, जिससे राहगीरों, स्थानीय दुकानदारों एवं आसपास के निवासियों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है. जनप्रतिनिधियों की इस अनदेखी से कली-मजदूरों और प्रबुद्ध नागरिकों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर पहुंच गया है.

साप्ताहिक हाट के दिन बदतर होते हैं हालात; राहगीर और किसान हो रहे दुर्घटना के शिकार

बाजार प्रक्षेत्र की इस मुख्य सड़क पर जलजमाव के कारण रोज उत्पन्न होने वाली विसंगतियों की मुख्य कड़ियां निम्नलिखित हैं. सड़क पर जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं होने की वजह से हल्की बारिश होते ही पूरा इलाका तालाब में तब्दील हो जाता है. कई-कई दिनों तक गंदा पानी सड़क पर ही संधारित रहता है, जिससे पूरा आवागमन बाधित हो चुका है.

सबसे ज्यादा मुश्किलें साप्ताहिक हाट के दिनों में खड़ी होती हैं, जब दूर-दराज के ग्रामीण प्रक्षेत्रों से किसान, छोटे व्यापारी, महिलाएं और बच्चे अपनी उपज बेचने और खरीदारी करने यहां पहुंचते हैं. कीचड़ और गहरे पानी के कारण कई बार लोग साइकिल और बाइक समेत फिसलकर चोटिल हो चुके हैं, लेकिन व्यवस्था की कमान संभालने वाला कोई मुस्तैद नहीं दिख रहा.

मच्छरों का बढ़ा प्रकोप; डेंगू और मलेरिया के खतरे से सहमे हैं स्थानीय लोग

सड़क पर हफ्तों से सड़ रहे पानी के कारण उठने वाली कड़क दुर्गंध से अब आसपास के घरों में लोगों का रहना दुश्वार हो गया है. इस गंदे पानी में मच्छरों का बड़े पैमाने पर प्रकोप बढ़ गया है, जिससे पूरे फलका प्रक्षेत्र में डेंगू, मलेरिया और अन्य खतरनाक संक्रामक बीमारियों की आशंका काफी कड़क हो गई है.

विधायक से लेकर सांसद तक सब बेअसर; आंदोलन की राह पर ग्रामीण

इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय कप्तानों और ग्रामीणों ने कई बार अपनी आवाज बुलंद की है. लोगों का कहना है कि जल निकासी के स्थायी समाधान के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रखंड विकास पदाधिकारी से लेकर क्षेत्रीय विधायक और सांसद तक को लिखित आवेदन देकर लाइव स्थिति से अवगत कराया गया है. इसके बावजूद धरातल पर अब तक कोई ठोस प्रशासनिक कमान नहीं कसी गई है और स्थिति पूरी तरह जस की तस बनी हुई है.

ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि मानसून की कड़क बारिश शुरू होने से पहले सड़क की मरम्मत और पक्के नाले का निर्माण शुरू नहीं कराया गया, तो आने वाले समय में स्थिति और भी भयावह हो जाएगी. स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला पदाधिकारी से अविलंब इस विसंगति का संज्ञान लेकर कनिष्ठ अभियंताओं की टीम मुस्तैद करने और जलजमाव से निजात दिलाने की मांग की है.

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By Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे दैनिक जागरण में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने टी. एन. बी. कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक किया है, जिसके कारण साहित्य, पठन-पाठन, लेखन और कविता-सृजन में उनकी विशेष रुचि है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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