पूर्णिया विवि की लापरवाही: पीजी फोर्थ सेमेस्टर में नामांकन की समय सीमा खत्म, पर अब तक नहीं मिला टीआर, दर-दर भटक रहे छात्र

पूर्णिया विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग द्वारा पीजी फोर्थ सेमेस्टर (सत्र 2024-26) में नामांकन के लिए आधिकारिक पत्र तो जारी कर दिया गया है, लेकिन धरातल पर अब तक टीआर (Tabulation Register) और अंकपत्र (Marksheet) उपलब्ध नहीं कराया गया है. इसके कारण छात्र-छात्राएं कॉलेजों में दर-दर भटकने को मजबूर हैं और विश्वविद्यालय की इस लेट-लतीफी को लेकर छात्रों में भारी आक्रोश व्याप्त है.

22 मई थी नामांकन की अंतिम तिथि, रोज बैरंग लौट रहे विद्यार्थी

विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देश के अनुसार, फोर्थ सेमेस्टर में नामांकन लेने की अंतिम तिथि 22 मई निर्धारित थी, जो अब समाप्त हो चुकी है. विडंबना यह है कि समय सीमा खत्म होने तक कॉलेजों में टीआर की कॉपी नहीं पहुंच सकी है. ऐसे में सुदूर ग्रामीण इलाकों से भारी किराया लगाकर प्रतिदिन कॉलेज आने वाले छात्र-छात्राएं केवल पूछताछ कर निराश होकर बैरंग वापस घर लौट रहे हैं.

नामांकन के लिए अनिवार्य हैं ये कागजात, पात्रता के कड़े नियम

नामांकन के लिए विश्वविद्यालय द्वारा जो आवश्यक दस्तावेजों की सूची जारी की गई है, उसमें टीआर की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है. छात्रों को निम्नलिखित कागजात जमा करने के निर्देश दिए गए हैं:

  • विधिवत भरा हुआ नामांकन फॉर्म
  • रजिस्ट्रेशन कार्ड की स्व-अभिप्रमाणित (Self-Attested) फोटो कॉपी
  • प्रथम, द्वितीय व तृतीय सेमेस्टर का अंकपत्र या टीआर की फोटो कॉपी
  • प्रथम, द्वितीय व तृतीय सेमेस्टर की नामांकन रसीद
  • पहचान पत्र (विभागीय नियमों के तहत [पहचान पत्र ओमिटेड]) एवं जाति प्रमाण पत्र (जहां लागू हो)

पात्रता का नियम: सेमेस्टर चतुर्थ में केवल वही अभ्यर्थी नामांकन के हकदार होंगे, जो सेमेस्टर प्रथम के सभी पत्रों (पेपर्स) में उत्तीर्ण (पास) हों और सेमेस्टर द्वितीय व तृतीय के कम से कम तीन-तीन पत्रों में पास होना अनिवार्य बताया गया है.

जिले के एकमात्र डीएस कॉलेज में पीजी की व्यवस्था, बढ़ी परेशानी

कटिहार जिले में एकमात्र दर्शन शाह (डीएस) कॉलेज में ही स्नातकोत्तर (पीजी) के पठन-पाठन की सेंट्रलाइज्ड व्यवस्था है. इस वजह से हर वर्ष यहाँ नामांकन के लिए जिले भर के छात्रों की भारी भीड़ उमड़ती है. तृतीय सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम जारी हुए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक विश्वविद्यालय द्वारा अधिकारिक टीआर उपलब्ध नहीं कराया गया है. इस प्रशासनिक शिथिलता के कारण न केवल छात्र परेशान हैं, बल्कि कॉलेज प्रबंधन को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

यूनिवर्सिटी से रास्ते से ही लौटा दी जा रही हैं कॉलेज की गाड़ियां

नाम नहीं छापने की शर्त पर डीएस कॉलेज प्रबंधन के अधिकारियों ने बताया कि टीआर प्राप्त करने के लिए कॉलेज की गाड़ियों और कर्मियों को बार-बार पूर्णिया विश्वविद्यालय मुख्यालय भेजा गया. लेकिन विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग द्वारा हर बार ‘टीआर अभी तैयार नहीं है’ का बहाना बनाकर कर्मियों को वापस कर दिया जाता है. हाल ही में कॉलेज के कर्मियों को दो बार विश्वविद्यालय भेजा गया था, लेकिन वहां से टीआर तैयार नहीं होने की मौखिक सूचना मिलने पर गाड़ियों को रास्ते से ही वापस कटिहार लौटना पड़ा.

समय सीमा खत्म, छात्रों के गुस्से का सामना कर रहा कॉलेज प्रशासन

विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित की गई समय सीमा (22 मई) भी अब समाप्त हो चुकी है, लेकिन छात्रों का नामांकन शून्य है. पोर्टल और विश्वविद्यालय की इस घोर लापरवाही का खामियाजा सीधे तौर पर कॉलेज प्रशासन को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें प्रतिदिन छात्रों के तीखे गुस्से और विरोध का सामना करना पड़ रहा है. छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द टीआर उपलब्ध कराया जाए और नामांकन की तिथि को आगे विस्तारित (Extend) किया जाए.

कटिहार से सरोज कुमार की रिपोर्ट:

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Published by: Divyanshu Prashant

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