हल्की बारिश में ही जलमग्न हुआ डायवर्जन; पंपिंग सेट से हो रही अस्थायी जल निकासी

Partaili Underpass Waterlogging: कटिहार शहरी क्षेत्र के परतैली, चिलमारा और सैफुद्दीन मुहल्ले को जोड़ने वाले एनएच व एसएच के अंडरपास पुल में जलजमाव ने स्थानीय नागरिकों का जीना मुहाल कर दिया है. पक्के नाले का निर्माण न होने के कारण हल्की बारिश में ही डायवर्जन में घुटने भर पानी जमा हो रहा है, जिससे रोज दर्जनों बाइक सवार जलजमाव के बीच फंस रहे हैं.

कटिहार से सरोज कुमार की रिपोर्ट

Partaili Underpass Waterlogging: कटिहार नगर निगम क्षेत्र के सुदूर और सीमावर्ती वार्डों में बुनियादी ड्रेनेज सिस्टम (नाला निर्माण) की कड़ियां कमजोर होने से आम नागरिकों को भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है. शहरी प्रक्षेत्र के वार्ड नंबर 43 अंतर्गत परतैली, चिलमारा और सैफुद्दीन मुहल्ले को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे (NH) और स्टेट हाईवे (SH) के नीचे बने अंडरपास पुल की स्थिति मानसूनी दस्तक के साथ ही बेहद बदतर हो गई है. वैज्ञानिक जल निकासी की व्यवस्था और नाला न होने के कारण इस मुख्य डायवर्जन में हल्की सी बारिश होते ही घुटने भर पानी संधारित हो जाता है, जिससे कनिष्ठ व वरिष्ठ राहगीरों की रफ्तार पूरी तरह थम गई है.

बाइक सवारों की फजीहत; 3 किलोमीटर लंबा चक्कर लगाने को विवश

  • सड़क पर बंद हो रहे वाहन: जलजमाव वाले इस पॉकेट में प्रतिदिन दर्जनों मोटरसाइकिल सवार पानी में फंस रहे हैं. साइलेंसर में पानी घुसने से कनिष्ठ चालकों की गाड़ियां बीच जलजमाव में बंद हो जा रही हैं, जिन्हें कली-मजदूरों और स्थानीय लोगों की मदद से धक्का देकर बाहर निकालना पड़ रहा है.
  • आवागमन का लंबा रूट: इस नारकीय स्थिति से बचने के लिए महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को अपने ही घरों में जाने के लिए मुख्य मार्ग छोड़कर 2 से 3 किलोमीटर का लंबा और असुविधाजनक चक्कर लगाना पड़ रहा है.

उपमेयर ने भेजा पंपिंग सेट, पर पानी फेंकने के तरीके से भड़के दुकानदार

पानी निकासी और नाले की मरम्मत को लेकर नगर निगम प्रशासन और स्थानीय वार्ड पार्षद से कई बार कड़क शिकायतें की गईं. उपमेयर मंजूर खान ने स्वयं मौके पर आकर विसंगतियों का लाइव जायजा भी लिया था. लगातार दबाव के बाद करीब एक सप्ताह बाद उपमेयर के सौजन्य से एक अस्थायी पंपिंग सेट (मोटरपंप) तो मुस्तैद किया गया है, लेकिन इससे समस्या कम होने के बजाय और जटिल हो गई है. दुकानदारों और प्रबुद्ध नागरिकों का आरोप है कि पंप ऑपरेटर द्वारा अंडरपास के गंदे पानी को किसी खाली जगह या बड़े ड्रेनेज में डंप करने के बजाय सीधे लोगों की दुकानों और रिहायशी घरों के मुख्य द्वारों के सामने फेंका जा रहा है. इस अव्यावहारिक कमान के कारण दुकानों के आगे नया जलजमाव खड़ा हो गया है, जिससे कली-मजदूरों की दैनिक दुकानदारी पूरी तरह जमींदोज होने की कगार पर पहुंच गई है.

पक्के नाले के निर्माण पर अड़े ग्रामीण; उपमेयर ने दिए निर्देश

प्रभावित मुख्य मुहल्लेवर्तमान ड्रेनेज स्टेटसनागरिक कप्तानों की मांग
परतैली, चिलमारा, सैफुद्दीन (वार्ड 43)पक्के नाले का अभाव, केवल अस्थायी मोटरपंपजलजमाव का स्थायी खात्मा करने के लिए तत्काल पक्का नाला निर्मित हो.

इधर, इस नागरिक आक्रोश और विसंगति पर कमान संभालते हुए उपमेयर मंजूर खान ने बताया कि यह डायवर्जन कई मुहल्लों की लाइफलाइन है. तात्कालिक संबल के लिए ही मोटरपंप और नगर निगम के कर्मचारी को प्रतिनियुक्त किया गया है. उपमेयर ने कहा कि संबंधित सफाई कर्मचारी को कड़क निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि अंडरपास का पानी केवल चिन्हित खाली भूखंडों पर ही निकाला जाए, ताकि किसी भी दुकानदार या राहगीर को परेशानी न हो. बहरहाल, स्थानीय जनता ने चेतावनी दी है कि यदि मानसून की भारी बारिश से पहले पक्के नाले के प्रोजेक्ट को हरी झंडी नहीं मिली, तो वे नगर निगम कार्यालय के समक्ष कड़ा विरोध प्रदर्शन संधारित करने को बाध्य होंगे.

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लेखक के बारे में

Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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