कटिहार जिले के गांवों के लोग अपने स्मार्ट फोन से ग्राम कचहरियों में मामले ले जा रहे हैं. कुछ ही महीनों में इ- ग्राम कचहरी के जरिये कटिहार जिले के 231 पंचायत में 474 मामले दर्ज हुए. इनमें 127 दीवानी तथा 347 फौजदारी किस्म के मामले हैं. इनमें 19 दीवानी व 125 फौजदारी यानी कुल 144 मामलों में सुनवाई कर ग्राम कचहरियां फैसला सुना चुकी है. इस संबंध में जिला पंचायती राज पदाधिकारी योगेंद्र कुमार ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रणाली को लागू करने वाला बिहार देश का पहला राज्य है. उन्होंने कहा कि इससे लोगों के बीच ग्राम कचहरी की विश्वसनीयता बढ़ रही है. विवादों के निबटारे के लिए पोर्टल पर लोगों की जिस तरह की प्रतिक्रिया मिल रही है, वह रेखांकित करने वाला है. इससे आम जन भी सशक्त होंगे. उन्होंने कहा कि पंचायती राज विभाग की कोशिश है कि लोकतंत्र की सबसे निचली इकाई में पारदर्शी तरीके से लोगों को समयबद्ध न्याय मिले. इस प्रणाली को इसी मंशा से विकसित किया गया है. यह लोगों को सस्ता, सरल एवं ससमय इंसाफ देगी. घर बैठे दर्ज शिकायतों की मिलेगी जानकारी उन्होंने बताया कि ग्रामीण आबादी पंचायत इ-ग्राम कचहरी पोर्टल के जरिये ग्राम कचहरी में घर बैठे अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर रही है. आवेदन की ताजा स्थिति के बारे में उन्हें इसी पोर्टल से जानकारी मिल रही है. उल्लेखनीय है कि पंचातयों के ‘सरपंच’ तथा ‘पंच’ को ग्राम पंचायतों में लोगों के आपसी विवाद को सुलझाने की भूमिका निभानी है. यहां ग्राम कचहरियों की संख्या 231 है. पिछले वर्ष 25 अक्तूबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस पोर्टल का लोकर्पण किया था. डीपीआरओ के मुताबिक ग्राम कचहरी के फैसले की प्रति भी ऑनलाइन उपलब्ध करायी जा रही है. इस बीच पंचायती राज विभाग पंचातयों में विवादों के तेजी से निबटारे के लिए सप्ताह में दो दिन सरपंचों की सुनवाई अनिवार्य करने की तैयारी कर रहा है. आमतौर पर कोर्ट-कचहरी में अपने मुकदमों की पैरवी के लिए वकील की जरूरत होती है. पर यहां इससे छुटकारा है. यहां तक कि सुनवाई की तारीख के लिए कहीं आने या जाने की जरूरत नहीं है. उसी पोर्टल से मुकदमों की सुनवाई की तारीख भी मिल जायेगी.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
