कटिहार क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. शहर के अलग-अलग मोहल्लों, गलियों और मुख्य सड़कों पर झुंड में घूम रहे कुत्ते आमलोगों के लिए बड़ी परेशानी बन चुके हैं. आए दिन कुत्तों के हमले की घटनाएं सामने आ रही हैं. जिससे शहरवासियों में भय का माहौल बना हुआ है. सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और सुबह-शाम पैदल आने-जाने वाले लोगों को हो रही है. जिला स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति काफी चिंताजनक दिखाई देती है. सदर अस्पताल में हर दिन औसतन 10 से ऊपर डॉग बाइट के मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. मार्च महीने में 352 लोगों को कुत्तों ने काटा, जबकि अप्रैल महीने में यह संख्या बढ़कर 363 तक पहुंच गई. मई महीने में 240 से अधिक मरीजों ने अस्पताल में इलाज कराया है. लगातार बढ़ रहे मामलों ने नगर निगम क्षेत्र में आवारा कुत्तों की समस्या को गंभीर बना दिया है.स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम के सभी 45 वार्डों में सैकड़ों की संख्या में आवारा कुत्ते घूमते रहते हैं. कई इलाकों में सुबह और रात के समय लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है. स्कूल जाने वाले छोटे बच्चे सबसे ज्यादा डरे रहते है. कई बार कुत्तों के झुंड अचानक राहगीरों पर हमला कर देते हैं. जिससे लोग घायल हो रहे हैं. मोहल्लों में रहने वाले बुजुर्गों व महिलाओं ने भी कुत्तों के बढ़ते आतंक को लेकर चिंता जताई है. राहत की बात यह है कि सदर अस्पताल में डॉग बाइट के इलाज की समुचित व्यवस्था उपलब्ध है. अस्पताल में एंटी-रेबीज इंजेक्शन और जरूरी दवाएं मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही हैं. डॉक्टरों का कहना है कि समय पर उपचार मिलने से अब तक कोई गंभीर स्थिति सामने नहीं आई है. अधिकांश मरीज इलाज के बाद स्वस्थ हो रहे हैं. इसके बावजूद शहरवासियों का कहना है कि केवल इलाज ही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं है. लोगों ने नगर निगम प्रशासन से आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाने, कुत्तों की नसबंदी कराने और सुरक्षित नियंत्रण व्यवस्था लागू करने की मांग की है.
प्रत्येक दिन औसतन 10 लोग हो रहे डॉग बाइट के शिकार
प्रत्येक दिन औसतन 10 लोग हो रहे डॉग बाइट के शिकार
