प्रखंड क्षेत्र के जनवितरण दुकानों की जांच जिला से पहुंची टीम ने की. इससे जनवितरण प्रणाली के दुकानदारों के बीच हड़कंप मच गया. जांच का मुख्य उद्देश्य खाद्यान वितरण में पारदर्शिता और पात्र लाभुकों तक सही मात्रा में अनाज का पहुंचना है. जांच के दौरान अलग-अलग अधिकारियों की टीम ने प्रखंड क्षेत्र के अलग-अलग दुकानों पर पहुंचकर खाद्यान के स्टॉक, वितरण रजिस्टर, पॉस मशीन से किये गये लाभुकों के बीच वितरण की वास्तविक स्थिति का मिलान किया. साथ ही दुकान पर प्रदर्शित अनिवार्य सूचनाओं, जैसे दर सूची, स्टॉक विवरण व लाइसेंस संबंधित कागजातों की बारीकी से जांच की. गठित जांच टीम ने यह भी देखा कि कहीं लाभुकों से निर्धारित दर से अधिक राशि तो नहीं ली जा रही है या फिर वजन में किसी प्रकार की कटौती तो नहीं हो रही है. जांच के दौरान कुछ स्थानों पर वितरण में अनियमितता की शिकायतें भी सामने आई है. जिसकी जांच कर संबंधित दुकानदारों पर करवाई की तैयारी की जा रही है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली सरकार की मत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना में से एक है. जिसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. सभी डीलरों को सख्त निर्देश देते हुए कहा गया है कि अगर वे सही तरीके से नियमों का पालन नहीं किया तो उसका लाइसेंस तक रद्द किया जा सकता है. इस जांच अभियान से जहां एक ओर ईमानदार डीलरों में भरोसा बढ़ा है तो दूसरी ओर गड़बड़ी करने वाले डीलरों के बीच भय का माहौल देखा गया.