कटिहार पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे महिला कल्याण संगठन ने एन एफ रेलवे की महिला कर्मचारियों के असाधारण योगदान को मान्यता देने और उनका सम्मान करने के लिए एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया. जिसमें पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे मुख्यालय और इसके मंडलों में कार्यरत महिलाओं के समर्पण, कड़ी मेहनत और उपलब्धियों को मान्यता देने के लिए रेलवे कर्मियों, गणमान्य व्यक्तियों और सम्मानित अतिथियों को एक मंच पर लाया गया. “महिलाओं को सशक्त करना, मानवता को सशक्त बनाना ” विषय के तहत इस कार्यक्रम में रेलवे नेटवर्क के अधीन प्रगति को आगे बढ़ाने, नवाचार को बढ़ावा प्रदान करने और परिचालन उत्कृष्टता सुनिश्चित करने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को प्रदर्शित किया गया.समारोह में बतौर मुख्य अतिथि रेलवे के महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव उपस्थित थे. समारोह को संबोधित करते हुए महाप्रबंधक ने उन सभी महिला कर्मचारियों के योगदान की सराहना की, जो खेल, इंजीनयरी अनुरक्षण, ट्रेन परिचालन, स्वास्थ्य सेवा आदि के क्षेत्र में समर्पित होकर सेवा दे रही हैं. महाप्रबंधक ने कहा कि रेलवे ने विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी पर विशेष जोर दिया है. सम्मान समारोह के दौरान एनएफआरडब्ल्यूडब्ल्यूओ की अध्यक्ष शालिनी श्रीवास्तव ने महिला कर्मचारियों को उनके समर्पण और प्रोफेशनलिज़म के लिए सम्मानित किया. उन्होंने उनके योगदान की प्रशंसा की और सशक्तिकरण, समान अवसरों और पेशेवर विकास के लिए संगठन के प्रतिबद्धता की पुष्टि की. महिला सशक्तिकरण में एक बड़ा कदम पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने महिला सशक्तिकरण में एक बड़ा कदम उठाया है. 8 मार्च, 2025 को कोचबिहार रेलवे स्टेशन को पूरी तरह से महिला संचालित स्टेशन घोषित किया गया. सुरक्षा बढ़ाने के लिए, आरपीएफ महिला कर्मियों की ‘मेरी सहेली’ के 15 स्कॉयड तैनात किए गए हैं और 46 स्टेशनों पर अब सीसीटीवी निगरानी की सुविधा है. महिलाएँ तकनीकी भूमिकाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं. गुवाहाटी कोच मेंटेनेंस डिपो में एक पूर्ण महिला कोच मेंटेनेंस टीम और डिब्रूगढ़ कारखाना में नोमिता सोनोवाल और अरफिन आरा बेगम जैसी “एफ” लीग तकनीशियन उन्नत मशीनरी में महारत हासिल कर रही हैं. रेलवे में ये प्रयास समावेशिता और महिलाओं के नेतृत्व के प्रति एन एफ रेलवे की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं. जिससे राष्ट्रीय स्तर पर, रेलवे की महिला कर्मचारियों को निरंतर अच्छी पहचान मिल रही है. नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रेल संग्रहालय में आरडब्ल्यूडब्ल्यूसीओ के प्रतिष्ठित सम्मान समारोह में वरिष्ठ तकनीशियन सुश्री नूपुर तपादर को उत्कृष्ट सेवा करने वाली अन्य 32 महिला रेल कर्मचारियों के साथ सम्मानित किया गया. यह सम्मान भारतीय रेलवे में महिलाओं के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है.54,829 कर्मचारियों के कुल कार्यबल के साथ, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे में 5,483 महिलाएं कार्यरत है, जो इसके कार्यबल का 10% है. यह संख्या निरंतर बढ़ रही है क्योंकि अधिक से अधिक महिलाएं विभिन्न रेलवे परिचालनों के महत्वपूर्ण भूमिकाओं में कदम रख रही हैं.
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