कटिहार कटिहार से सिक्किम तक की सफर वर्ष 2027 में लगभग पूरी हो जायेगी. जिसकी तैयारी पुरजौर रूप से प्रारंभ है. इस रूट में 14 टनल बनने हैं जिसमें 13 की सफलता पूर्वक खुदाई कर कार्य जारी है. बताते चलें कि पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने टनल संख्या 8 में सफल ””ब्रेकथ्रू”” के साथ सेवक-रंगपो रेल परियोजना में एक प्रमुख माइलस्टोन हासिल किया. यह ब्रेकथ्रू एनएफआर और इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड ने संयुक्त रूप से हासिल किया, जो पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस रेल कनेक्टिविटी परियोजना में हुई उल्लेखनीय प्रगति का प्रतीक है. टनल संख्या 8 इस परियोजना की प्रमुख सुरंगों में से एक है, जिसकी कुल लंबाई 4.148 किमी है और 1.010 कि.मी. की एक अतिरिक्त अडिट भी शामिल है. इस टनल की खुदाई और खनन का कार्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण भूगर्भीय परिस्थितियों जैसे अत्यधिक नाजुक, प्रतिकूल मौसम और दरार वाली चट्टानी परतों के बीच किया गया. पहाड़ी भूभाग की अनिश्चितताओं और पास के एनएच-10 कॉरिडोर से जुड़ी संवेदनशीलता के कारण भी इस कार्य को अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ा. टनल संख्या 8 में खुदाई का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण होने के साथ ही, सेवक-रंगपो रेल परियोजना की कुल 14 सुरंगों में से 13 सुरंगों के खुदाई का कार्य अब पूरा हो गया है. इस परियोजना की समग्र प्रगति की दिशा में यह उपलब्धि एक महत्वपूर्ण कदम है.परियोजना के अन्य प्रमुख घटकों में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है. कुल 32.4 किलोमीटर की लंबाई को कवर करने वाले सुरंगों में 12 सुरंगों की लाइनिंग का कार्य पूरा हो गया है. सुरंगों में 21 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में बैलास्ट रहित ट्रैक बिछाने का कार्य भी पूरा हो गया है, जिससे परियोजना को परिचालनिक तैयारी की दिशा में और अधिक गति मिली है. पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए कनेक्टिविटी की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक सेवक-रंगपो नई रेल लिंक परियोजना, पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए कनेक्टिविटी की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक है. इस परियोजना का उद्देश्य सिक्किम राज्य को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ना है और यह भारतीय रेलवे की ””राजधानी कनेक्टिविटी परियोजना”” के व्यापक पहल का एक हिस्सा है.इस परियोजना की कुल लंबाई 44.96 कि.मी. है, जिसमें 41.55 कि.मी. पश्चिम बंगाल और 3.41 किलोमीटर. सिक्किम में है. इस रूट का लगभग 38.623 किमी(लगभग 86%) हिस्सा सुरंगों से, 2.24 किमी पुलों से, और 4.79 किमी में खुली कटिंग और स्टेशन यार्ड होकर गुज़रता है शामिल हैं. निर्माण कार्य में 14 सुरंगें शामिल हैं, जिनमें सबसे लंबी सुरंग लगभग 5.30 कि.मी. और सबसे छोटी सुरंग लगभग 538 मीटर लंबी है. इस परियोजना में 13 बड़े पुल और 10 छोटे पुल भी शामिल हैं. इस नई रेलवे लाइन में पांच स्टेशन होंगे जिनमें सेवक, रियांग, मेल्ली, रंगपो, और एक भूमिगत हॉल्ट स्टेशन-तीस्ता बाज़ार शामिल है. ये इस परियोजना की कुछ अनोखी बुनियादी ढाँचागत विशेषताएं है. परियोजना पूरा होने के बाद, यह सिक्किम को उल्लेखनीय रूप से जोड़ेगा, जिससे इस क्षेत्र में परिवहन बेहतर होगा, आवश्यक सामग्रियों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा. सभी मोर्चों पर निर्माण कार्य तेज़ी से अग्रसर हैं, जिनमें सिविल कार्य, ट्रैक बिछाना और रेलवे का विद्युतीकरण शामिल है. एनएफआर शेष कार्यों को पूर्ण कर दिसंबर 2027 तक इस रेल परियोजना को चालू करने के अपने प्रयासों को जारी रखे हुए है, जिससे सिक्किम राज्य की रेल कनेक्टिविटी में काफ़ी सुधार होगा और क्षेत्रीय विकास तथा आवागमन को बढ़ावा मिलेगा. कपिंजल किशोर शर्मा, सीपीआरओ, एनएफ रेलवे.
-रंगपो रेल परियोजना में एनएफआर को टनल संख्या 8 में बड़ी सफलता
-रंगपो रेल परियोजना में एनएफआर को टनल संख्या 8 में बड़ी सफलता
