कटिहार पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने न्यू बंगाईगांव स्थित कैरेज एवं वैगन कारखाना में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं, जो आधुनिकीकरण, संरक्षा संवर्धन और परिचालन उत्कृष्टता पर इसके निरंतर फोकस को दर्शाती हैं. पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की प्रमुख उपलब्धियों में से एक, न्यू बंगाईगांव कारखाना में लिंक हॉफमैन बुश (एलएचबी) कोचों के लिए मिड-लाइफ रिहैबिलिटेशन (एमएलआर) कार्य की सफल शुरुआत है. यह विकास कार्य यात्रियों के आराम, परिचालन संरक्षा और आधुनिक कोचिंग स्टॉक की विश्वसनीयता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. फिलवक्त, पहला एमएलआर कोच पूर्ण होने के अंतिम चरण में है और जल्द ही इसके तैयार होकर सेवा में आने की उम्मीद है. यह इस कारखाने के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी. सफलता पूर्वक स्थापित व किया चालू पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के उल्लेखनीय उपलब्धि के तौर पर, इस कारखाना ने एलएचबी में बोगी लोड टेस्टिंग सुविधा को सफलतापूर्वक स्थापित और चालू किया है. इस सुविधा के साथ अब लोड की स्थिति में बोगी के सभी महत्वपूर्ण मापदंडों की जांच और सत्यापन, अब डिस्पैच से पहले किया जा रहा है.जिससे ओवरहॉल की गई एलएचबी बोगियों के लिए उच्च विश्वसनीयता, गुणवत्ता आश्वासन और बेहतर संरक्षा मानकों को सुनिश्चित किया जा सके. शॉट ब्लास्टिंग मशीन को भी किया चालू कारखाना में एलएचबी के बोगी फ्रेम और बोल्स्टर के लिए शॉट ब्लास्टिंग मशीन को भी चालू किया गया है. इस पहल से बेहतर सतह फ़िनिश गुणवत्ता के साथ मशीनीकृत शॉट ब्लास्टिंग संभव हो पाई है, जिससे रखरखाव के बेहतर मानकों और परिचालन दक्षता में योगदान मिला है. ये पहल पूरे ज़ोन में उन्नत तकनीकों को अपनाने, रखरखाव कार्यों में सुधार करने और रेलवे की बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के प्रति पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं. कपिंजल किशोर शर्मा, सीपीआरओ एनएफ रेलवे
न्यू बंगाईगांव कारखाना ने आधुनिक कोच पुनर्स्थापन को दी गति
न्यू बंगाईगांव कारखाना ने आधुनिक कोच पुनर्स्थापन को दी गति
