कटिहार से सूरज कुमार गुप्ता की रिपोर्ट
Sthayi Samiti Election: कटिहार जिले के शहरी स्थानीय निकायों (Arban Local Bodies) के भीतर प्रशासनिक और वित्तीय गलियारों में ‘सशक्त स्थायी समिति’ (Empowered Standing Committee) के सदस्यों के चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है. शुक्रवार को जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला अधिकारी (DM) आशुतोष द्विवेदी के कड़े दिशा-निर्देशों के आलोक में जिले के सभी प्रमुख निकायों में मतदान की प्रक्रिया शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से शुरू कर दी गई है. इस चुनाव को लेकर सभी वार्ड पार्षदों के बीच पिछले कई दिनों से चल रही लामबंदी और गुणा-गणित अब अंतिम मोड़ पर है.
नगर निगम के 7 पदों के लिए विकास भवन में वोटिंग, डैडी (DDC) कर रहे मॉनिटरिंग
कटिहार नगर निगम की सबसे रसूखदार और ताकतवर मानी जाने वाली इस समिति के सात सदस्य पदों के लिए चुनावी प्रक्रिया जिला मुख्यालय स्थित विकास भवन के मुख्य सभागार में चल रही है.
- अधिकारियों की तैनाती: पूरी चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए निर्वाची पदाधिकारी सह उप विकास आयुक्त (DDC) अमित कुमार खुद कमान संभाले हुए हैं. उनकी सीधी देखरेख में नामांकन, स्क्रूटनी और गुप्त मतदान का कार्य किया जा रहा है.
- सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: विकास भवन और नगर निगम कार्यालय के बाहर भारी संख्या में बिहार पुलिस के जवानों और दंडाधिकारियों को तैनात किया गया है, ताकि बिना अनुमति के कोई भी बाहरी तत्व परिसर में प्रवेश न कर सके.
7 नगर पंचायतों में भी 3-3 पदों के लिए मची होड़
नगर निगम के अलावा जिले के सात अन्य नवगठित व पुराने नगर पंचायतों में भी आज ही सशक्त स्थायी समिति के तीन-तीन सदस्य पदों के लिए संबंधित प्रखंड मुख्यालयों में मतदान कराया जा रहा है. जिन नगर पंचायतों में चुनाव प्रक्रिया जारी है, उनमें शामिल हैं:
- अमदाबाद
- बरारी
- कुरसेला
- मनिहारी
- बारसोई
- बलरामपुर
- कोढ़ा
इन सभी नगर पंचायतों में तीन-तीन पदों पर विजयी होने वाले पार्षद सीधे तौर पर मुख्य पार्षद (चेयरमैन) और उपमुख्य पार्षद के साथ मिलकर नगर निकाय की ‘कैबिनेट’ का हिस्सा बनेंगे.
क्यों अहम माना जाता है सशक्त स्थायी समिति का चुनाव?
वित्तीय और प्रशासनिक धुरी: किसी भी नगर निकाय में महापौर या मुख्य पार्षद के बाद सशक्त स्थायी समिति ही सबसे पावरफुल इकाई होती है. शहर के भीतर करोड़ों रुपये के विकास कार्यों के टेंडर (Tender) निकालना, सालाना बजट को पास करना, सड़कों-नालों के निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति देना और नई योजनाओं को मंजूरी देने का अंतिम एकाधिकार इसी समिति के पास होता है. यही वजह है कि इस समिति में अपनी जगह पक्की करने के लिए पार्षदों के बीच कड़ा मुकाबला देखा जा रहा है.
निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, सभी संबंधित केंद्रों पर मतदान की समय सीमा समाप्त होने के तुरंत बाद आज ही मतपेटियों को खोलकर वोटों की गिनती (काउंटिंग) शुरू कर दी जाएगी. देर शाम तक सभी निकायों के परिणाम आधिकारिक रूप से घोषित कर दिए जाएंगे, जिसके तुरंत बाद नवनिर्वाचित सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी.
