नगर निगम के दावों की खुली पोल, सदर अस्पताल रोड व लाल कोठी रोड जलमग्न
मूसलाधार बारिश से सड़कों पर बहा घुटनों तक पानी, वीर कुंवर सिंह स्टेडियम बना तालाब, घोंघे की रफ्तार से हुई नाला सफाई का दिखा नतीजा
कटिहार. बुधवार की रात से गुरुवार की सुबह तक हुई मूसलाधार बारिश ने नगर निगम की मानसून पूर्व तैयारियों की पूरी तरह पोल खोल कर रख दी है. सीजन की पहली ही जोरदार बारिश में शहर के तमाम प्रमुख इलाके जलमग्न हो गए. सदर अस्पताल रोड, लाल कोठी रोड, वीर कुंवर सिंह इंडोर स्टेडियम समेत कई मुख्य सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया. रात भर हुई तेज बारिश के कारण गुरुवार की सुबह शहर के अधिकतर हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई. इसके चलते स्कूली बच्चों को अपने स्कूल पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. कई जगह अभिभावक अपने बच्चों को गोद में उठाकर गंदे पानी से होकर गुजरते नजर आए. वहीं, ऑफिस जाने वाले लोगों और मरीजों को भी सदर अस्पताल रोड पर जलभराव के कारण भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. इस दौरान सदर अस्पताल के समीप मरीज को ले जा रही एम्बुलेंस तक पानी में फंसी दिखाई दी.
वीर कुंवर सिंह स्टेडियम परिसर बना तालाब, खेल गतिविधियां ठप
बारिश के कारण वीर कुंवर सिंह इंडोर स्टेडियम परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गया है. स्टेडियम के मुख्य द्वार से लेकर बाबू वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा तक सिर्फ पानी ही पानी नजर आया, जिसके चलते तमाम खेल गतिविधियां पूरी तरह ठप रहीं. स्थानीय खेल प्रेमियों और नागरिकों ने बताया कि हर साल नगर निगम द्वारा नाला सफाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर हालात आज भी जस के तस बने हुए हैं.
लाल कोठी रोड पर नाव जैसी स्थिति, दुकानों में घुसा पानी
शहर के लाल कोठी रोड की तस्वीरें सबसे ज्यादा भयावह रहीं, जहां सड़क पूरी तरह तालाब में तब्दील हो गई. बाइक, ऑटो और पैदल चलने वाले लोग जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से होकर गुजरने को मजबूर हुए. जलजमाव इतना अधिक था कि सड़क किनारे स्थित कई दुकानदारों की दुकानों के अंदर तक पानी घुस गया, जिससे उनका काफी नुकसान हुआ है.
घंटों जमा रहा पानी, निगम के वीआइपी दावे हुए फेल
मानसून की दस्तक से पहले नगर निगम प्रशासन ने शहर को जलजमाव से मुक्ति दिलाने के बड़े-बड़े दावे किए थे. नालों की उड़ाही, जल निकासी की समुचित व्यवस्था और प्रभावित इलाकों में पंपिंग सेट लगाने की बात कही गई थी, लेकिन पहली बारिश ने ही इन हवाई दावों को झूठा साबित कर दिया. बारिश थमने के घंटों बाद तक पानी सड़कों पर जमा रहा. स्थानीय आक्रोशित लोगों का कहना है कि अगर पहली बारिश में ही शहर का यह हाल है, तो आगे पूरे मानसून में क्या होगा. त्रस्त नागरिकों ने नगर निगम प्रशासन से अविलंब सुध लेने और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है.
राजकिशोर प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के कटिहार कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.