डोर-टू-डोर के झंझट से मुक्ति के लिए सड़कों पर लगे टू-बिन, न्यू मार्केट से पायलट प्रोजेक्ट शुरू

Two-Bin System: कटिहार शहर को कचरा मुक्त और सुंदर बनाने के लिए नगर निगम प्रशासन ने एक बेहद आधुनिक और कारगर कदम उठाया है. डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाले कर्मचारियों की छुट्टी या लेटलतीफी से निपटने के लिए अब मुख्य सड़कों और बाजारों में स्टील के 'टू-बिन' (Two-Bin System) लगाए जा रहे हैं, जहां लोग सीधे सूखा और गीला कचरा अलग-अलग डाल सकेंगे.

कटिहार से सरोज कुमार की रिपोर्ट

Two-Bin System: बिहार के कटिहार शहर को साफ-सफाई के मामले में आत्मनिर्भर और सूबे में अव्वल रैंकिंग दिलाने के लिए नगर निगम प्रशासन पूरी तरह तत्पर और एक्शन मोड में नजर आ रहा है. वार्डों में ‘डोर-टू-डोर’ (घर-घर) कचरा उठाव व्यवस्था को अधिक सुगम बनाने और सफाई कर्मियों के अनुपस्थित रहने पर पैदा होने वाले संकट को परमानेंट खत्म करने के लिए निगम ने एक अनूठा प्रयोग शुरू किया है. इसके तहत अब शहर के मुख्य चौक-चौराहों और सड़कों के दोनों किनारों पर विशेष प्रकार के स्टील ‘टू-बिन’ (गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग डस्टबिन) स्थापित किए जा रहे हैं. एक महत्वाकांक्षी पायलट प्रोजेक्ट (Pilot Project) के तहत इस अभियान की शुरुआत शहर के सबसे व्यस्त व्यावसायिक केंद्र ‘न्यू मार्केट’ से कर दी गई है.

कर्मचारियों की छुट्टी से नहीं रुकेगी सफाई; मिरचाईबाड़ी में तेज हुआ काम

  • समस्या का स्थाई समाधान: अक्सर शिकायतें आती थीं कि डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाले सफाई कर्मियों के बीमार होने या अचानक अवकाश पर जाने के कारण मोहल्लों और घरों में दो-तीन दिनों तक कचरा सड़ने लगता था. इस नई व्यवस्था के बाद अब नागरिकों को कर्मचारियों का इंतजार नहीं करना होगा.
  • मिरचाईबाड़ी में काम तेज: न्यू मार्केट में इस पायलट प्रोजेक्ट की शानदार सफलता को देखते हुए निगम प्रशासन ने अब दूसरे फेज के तहत मिरचाईबाड़ी और उससे सटे प्रशासनिक इलाकों में तीव्र गति से कंक्रीट बेस के साथ स्टील के टू-बिन लगाने का काम शुरू कर दिया है.

पहले चरण में 500 स्टील टू-बिन लगाने का कड़ा लक्ष्य

50 से 100 मीटर की दूरी पर व्यवस्था: सफाई निरीक्षक कैलाश नारायण चौधरी ने ग्राउंड जीरो पर जानकारी देते हुए बताया कि राहगीरों और दुकानदारों की सुविधा के लिए सड़कों के दोनों किनारों पर महज 50 से 100 मीटर की तय दूरी पर ये चमचमाते स्टील के टू-बिन वेल्ड किए जा रहे हैं.

कचरा संकलन और आगामी लक्ष्य के आंकड़े नीचे दी गई तालिका के माध्यम से समझे जा सकते हैं:

श्रेणी / लक्ष्य पैरामीटरवर्तमान स्थिति (धरातल पर)निगम का अंतिम लक्ष्यउठाव का प्रशासनिक प्लान
स्टील टू-बिन की संख्या150 पीस स्थापित500+ पीस (आवश्यकतानुसार वृद्धि)हर दो दिन पर विशेष ट्रैक्टर ट्रॉलियों द्वारा सघन उठाव.
कचरा पृथक्कीकरणगीला और सूखा अलग-अलगशत-प्रतिशत सोर्स सेगेरगेशनडंपिंग यार्ड तक पाटिशन (विभाजित) ट्रैक्टरों का उपयोग.

“गीला-सूखा कचरा अलग डालें, ट्रैक्टरों में होगा पाटिशन”: नगर आयुक्त संतोष कुमार

सफाई निरीक्षक ने स्पष्ट किया कि टू-बिन पूरी तरह भर जाने के बाद हर दो दिन के अंतराल पर नगर निगम के ट्रैक्टर इन कचरों को कलेक्ट करेंगे. यदि आवश्यकता पड़ी तो ट्रैक्टर की ट्रॉलियों के बीच में भी लोहे का पाटिशन (विभाजन) किया जाएगा, ताकि सूखा और गीला कचरा रास्ते में आपस में मिक्स न हो सके. इस बेहतरीन पहल की स्थानीय वार्ड पार्षदों, बुद्धिजीवियों और आम जनता ने मुक्त कंठ से सराहना की है.

नगर आयुक्त की आम जनता से कड़क अपील:

मामले पर आधिकारिक वक्तव्य देते हुए कटिहार के नगर आयुक्त संतोष कुमार ने कहा कि शहर की मुस्तैद सफाई और पर्यावरण की रक्षा नगर निगम प्रशासन के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता (सर्वोपरि) है.

नगर आयुक्त ने व्यापारियों और आम नागरिकों से कड़क अपील करते हुए कहा, “निगम संसाधन झोंक रहा है, लेकिन इसका असली फायदा तब मिलेगा जब आमजन जागरूक होंगे. हमारा अनुरोध है कि घरों और दुकानों का कचरा सड़कों पर फेंकने के बजाय केवल इन टू-बिनों में ही डालें. नीले बिन में सूखा (प्लास्टिक, कागज) और हरे बिन में केवल गीला (रसोई का अवशिष्ट, सब्जियां) कचरा ही अलग-अलग डंप करें. नियमों का पालन करने से हमारे सफाई मित्रों को रीसाइक्लिंग करने में बड़ी आसानी होगी और कटिहार एक सुंदर व स्वच्छ शहर बनकर उभरेगा.”

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लेखक के बारे में

Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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