Mumbai Building Accident: कटिहार जिले के बलिया बेलौन क्षेत्र के सालमारी निवासी साकिर अली की मुंबई में एक दर्दनाक हादसे में मौत हो गई. यह दुर्घटना सोमवार रात उस समय हुई जब वह बिल्डिंग निर्माण स्थल पर काम कर रहे थे. परिजनों के अनुसार निर्माण कार्य के दौरान क्रेन से भारी लोहे का हिस्सा गिर गया, जिसकी चपेट में आने से साकिर अली की मौके पर ही मौत हो गई.
साकिर अली चार महीने पहले ही रोजगार की तलाश में मुंबई गए थे. परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी और घर का मुख्य सहारा वही थे.
शव पहुंचते ही गांव में मचा कोहराम
बुधवार रात जैसे ही साकिर अली का शव गांव पहुंचा, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. घर के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई और परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया. गुरुवार को गांव के कब्रिस्तान में जनाजे की नमाज के बाद उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया.
ग्रामीणों ने बताया कि साकिर मेहनती और जिम्मेदार व्यक्ति थे. बेहतर रोजगार की उम्मीद में वह मुंबई गए थे ताकि परिवार की आर्थिक स्थिति सुधर सके. लेकिन उनकी मौत ने पूरे परिवार को असहाय स्थिति में ला खड़ा किया है.
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
परिजनों ने बताया कि घर में कमाने वाला केवल साकिर अली ही था. बूढ़े माता-पिता, पत्नी और छोटे-छोटे बच्चों के सामने अब आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. परिवार के लोगों का कहना है कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आने वाले दिनों में बच्चों की पढ़ाई, इलाज और घर का खर्च कैसे चलेगा.
गांव के लोगों ने भी इस घटना को बेहद दुखद बताया और कहा कि रोजगार की तलाश में बाहर जाने वाले मजदूरों के परिवार हमेशा असुरक्षा की स्थिति में रहते हैं.
नेताओं ने जताया शोक, मुआवजे की उठी मांग
घटना की जानकारी मिलने के बाद उपमुखिया मंजर आलम, पूर्व समिति सदस्य जावेद आलम, नमुद आलम, बख्तियार अली और वजेर आलम सहित कई स्थानीय लोग शोकाकुल परिवार से मिलने पहुंचे. उन्होंने परिवार को सांत्वना देते हुए हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया.
स्थानीय प्रतिनिधियों ने बिहार सरकार से आपदा फंड के तहत आर्थिक सहायता देने और निर्माण कंपनी से उचित मुआवजा दिलाने की मांग की. उनका कहना है कि दुर्घटना में जान गंवाने वाले प्रवासी मजदूर के परिवार को तत्काल राहत मिलनी चाहिए.
Mumbai Building Accident: पलायन और मजदूर सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
मुखिया प्रतिनिधि गोलाम सरवर ने कहा कि मजदूरों का लगातार पलायन और निर्माण स्थलों पर होने वाली दुर्घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं. उन्होंने कहा कि हर साल बेहतर रोजगार की तलाश में क्षेत्र के कई लोग दूसरे राज्यों में जाते हैं और उनमें से कई असुरक्षित कार्य परिस्थितियों के कारण हादसों का शिकार हो जाते हैं.
उन्होंने सरकार से मांग की कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं ताकि लोगों को मजबूरी में बाहर न जाना पड़े. साथ ही निर्माण कंपनियों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए.
साकिर अली की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि देशभर के निर्माण स्थलों पर काम करने वाले प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और उनके परिवारों की सामाजिक सुरक्षा को लेकर ठोस व्यवस्था कब बनेगी.
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