कटिहार में मानवी राज आत्महत्या मामले का मुख्य आरोपी मणिकांत गुप्ता गिरफ्तार, सुसाइड नोट में ब्लैकमेलिंग का था आरोप

कटिहार में नाबालिग मानवी राज की आत्महत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. सुसाइड नोट में ब्लैकमेलिंग का आरोप झेल रहे मुख्य आरोपी मणिकांत गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है. इस गिरफ्तारी से मृतका के परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है.

कटिहार जिला मुख्यालय के सहायक थाना क्षेत्र अंतर्गत चर्चित ओटी पाड़ा मानवी राज आत्महत्या मामले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. सुसाइड नोट के आधार पर दर्ज प्राथमिकी के बाद से ही पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहे मुख्य नामजद आरोपी मणिकांत गुप्ता को सहायक थाना पुलिस ने बीती रात एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर धर दबोचा. इस हाई-प्रोफाइल मामले में यह दूसरी बड़ी गिरफ्तारी मानी जा रही है, जिससे मृतका के परिवार को इंसाफ मिलने की उम्मीद जगी है.

सुसाइड नोट ने खोला था ब्लैकमेलिंग और धमकी का राज

इस सनसनीखेज मामले की पृष्ठभूमि की जानकारी देते हुए सहायक थाना अध्यक्ष (एसएचओ) कुमार विकास ने बताया कि यह घटना बीते 10 दिसंबर की है:

  • नाबालिक ने दी थी जान: ओटी पाड़ा स्थित अपने आवास पर एक रेलकर्मी की नाबालिग पुत्री मानवी राज ने मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर गले में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी.
  • हाथ लगा था पुख्ता सबूत: पुलिस को घटनास्थल की तफ्तीश के दौरान मृतका के कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ था. सुसाइड नोट में मृतका ने अपनी मौत के लिए सीधे तौर पर तीन युवकों को जिम्मेदार ठहराया था. मृतका ने लिखा था कि आरोपी कन्हैया यादव (बरमसिया निवासी), अनुज कश्यप और मणिकांत गुप्ता (टीवी टावर निवासी) उसे पैसों के लिए लगातार ब्लैकमेल कर रहे थे और उसकी तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दे रहे थे, जिससे आहत होकर उसने आत्मघाती कदम उठाया.

भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगीन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

घटना के तुरंत बाद पुलिस ने मृतका के पिता के लिखित बयान और कमरे से मिले सुसाइड नोट को मुख्य आधार बनाते हुए स्थानीय थाने में कांड संख्या दर्ज की थी.

कानूनी धाराओं का विवरण: आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 107 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 308(2) (वसूली/रंगदारी), 79 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना) और 61(2) (आपराधिक साजिश) के तहत मामला पंजीकृत किया गया था.

बीती रात पुलिस ने बिछाया जाल, धराया तीसरा आरोपी

थाना अध्यक्ष कुमार विकास ने बताया कि मामले के दो आरोपियों को पुलिस ने घटना के कुछ ही दिनों के भीतर कानूनी शिकंजे में ले लिया था, लेकिन मणिकांत गुप्ता लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था और ठिकाने बदल रहा था.

पुलिस की एक विशेष टीम उसकी गिरफ्तारी के लिए तकनीकी सेल (सर्विलांस) की मदद ले रही थी. शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात पुलिस को उसके छिपने के सटीक ठिकाने की गुप्त सूचना मिली. बिना कोई वक्त गंवाए सहायक थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी की और आरोपी मणिकांत गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने बताया कि कागजी और मेडिकल प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है. अदालत में सुसाइड नोट को मुख्य फॉरेंसिक साक्ष्य के रूप में पेश कर आरोपियों को सख्त सजा दिलाने की तैयारी है.


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