बैशाख में किए गए पुण्य कर्मों का कई गुना अधिक फल मिलता है, पंडित भोलानाथ

बैशाख में किए गए पुण्य कर्मों का कई गुना अधिक फल मिलता है, पंडित भोलानाथ

बैशाख माह का नगर पुरोहित ने बताया, आस्था के साथ स्वास्थ्य का गहरा संबंध बारसोई हिंदू पंचांग के अनुसार पवित्र बैशाख माह का आरंभ होते ही धार्मिक आस्था का माहौल गहराने लगा है. इस माह को धर्म, दान, तप और स्नान के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. नगर पुरोहित पंडित भोलानाथ तिवारी ने बताया कि बैशाख माह में किए गए पुण्य कर्मों का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है. विशेष रूप से गंगा स्नान, व्रत, दान और भगवान विष्णु की आराधना का विशेष महत्व है. शास्त्रों में बैशाख मास को माधव मास भी कहा गया है, जो भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है. जल से जुड़े दान जैसे घड़ा, पंखा, शरबत आदि का दान करने से न केवल धार्मिक पुण्य मिलता है बल्कि जरूरतमंदों को राहत भी मिलती है. अक्षय तृतीया जैसे पावन पर्व भी इसी माह में पड़ते हैं. जिसे अत्यंत शुभ मुहूर्त माना जाता है. पंडित तिवारी ने बैशाख माह के वैज्ञानिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह समय मौसम परिवर्तन का होता है. जब गर्मी अपने चरम की ओर बढ़ती है. ऐसे में सुबह-सुबह स्नान, हल्का और सात्विक भोजन तथा अधिक से अधिक जल सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है. उन्होंने कहा कि इस माह में उपवास और संयम रखने से शरीर की शुद्धि होती है. रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है. उन्होंने लोगों से अपील की कि बैशाख माह में धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण और स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें. पेड़-पौधों को पानी देना, पशु-पक्षियों के लिए जल की व्यवस्था करना भी इस माह का महत्वपूर्ण संदेश है. बैशाख माह न केवल आध्यात्मिक उन्नति का अवसर प्रदान करता है. बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी यह जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाने का उत्तम समय है.

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By RAJKISHOR K

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