Menstrual Hygiene Week School: कटिहार से सूरज कुमार गुप्ता की रिपोर्ट: कटिहार जिले के सभी सरकारी स्कूलों में कल यानी 25 मई से ‘माहवारी स्वच्छता सप्ताह’ (Menstrual Hygiene Week) का विशेष आयोजन किया जाएगा. वैश्विक स्तर पर हर साल 28 मई को मनाए जाने वाले ‘विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस’ के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है. बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक नवीन कुमार ने इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) को कड़े दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं.
25 से 30 मई तक कस्तूरबा गांधी और मध्य विद्यालयों में सजेंगी विशेष कक्षाएं
राज्य परियोजना निदेशक के आदेश के आलोक में जिले के सभी मध्य, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक विद्यालयों सहित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में 25 मई 2026 से 30 मई 2026 तक इस विशेष सप्ताह का आयोजन अनिवार्य रूप से किया जाएगा. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किशोरियों, महिला शिक्षकों और समाज में माहवारी स्वास्थ्य व स्वच्छता के प्रति वैज्ञानिक जागरूकता बढ़ाना है. इसके साथ ही इस प्राकृतिक प्रक्रिया से जुड़े सामाजिक मिथकों, वर्जनाओं और झूठी रूढ़ियों को पूरी तरह दूर करना है ताकि छात्राएं बिना किसी झिझक के अपनी सेहत पर ध्यान दे सकें.
निबंध, स्लोगन और चित्रकला प्रतियोगिताओं से निखरेगा छात्राओं का हौसला
छह दिनों तक चलने वाले इस विशेष जागरूकता सप्ताह के दौरान स्कूलों में छात्राओं के लिए कई तरह की ज्ञानवर्धक गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके तहत:
- किशोरियों के लिए विशेष जागरूकता सत्र और खुलकर चर्चा करने वाले संवाद कार्यक्रम होंगे.
- सुरक्षित माहवारी प्रबंधन (Periods Management) और स्वच्छता बनाए रखने के लिए डॉक्टरों या विशेषज्ञों द्वारा परामर्श दिया जाएगा.
- स्कूलों में पोस्टर, निबंध, चित्रकला (ड्राइंग) और स्लोगन लेखन जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी.
- रोजाना सुबह होने वाली विद्यालय की प्रार्थना सभा में मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर विशेष संदेश प्रसारित किए जाएंगे.
- स्कूल परिसरों में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़ी आईईसी (IEC) प्रचार सामग्री और इंफोग्राफिक्स का प्रदर्शन किया जाएगा.
कार्यक्रम के बाद मुख्यालय को भेजनी होगी रिपोर्ट और तस्वीरें
इस अभियान की सफलता को लेकर मुख्यालय बेहद गंभीर है. राज्य परियोजना निदेशक ने जिला स्तर के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे अपने स्तर से सभी स्कूलों की मॉनिटरिंग करें ताकि इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक छात्राओं की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जा सके. इसे बेहद आवश्यक कार्य समझा जाए और सप्ताह भर चलने वाले इस अभियान के समापन के तुरंत बाद सभी स्कूलों को कार्यक्रम की एक संक्षिप्त रिपोर्ट (प्रतिवेदन) और खूबसूरत तस्वीरें जिला कार्यालय के माध्यम से राज्य मुख्यालय को अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होंगी.
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