ग्रामीणों को पक्की सड़क, शुद्ध पेयजल तक का नहीं मिल रहा लाभ बलरामपुर प्रखंड के शरीफनगर पंचायत के गांव हैं जहां अभी तक बिहार सरकार की ड्रीम प्रोजेक्ट माने जाने वाले नल जल योजना का लाभ महादलित बस्तियों तक नहीं पहुंचा है. इन गांवों के सैकड़ों परिवार शुद्ध पेयजल से वंचित है. इन टोलो में वार्ड 01 हरतारा आदिवासी टोला, वार्ड संख्या 02 पोराबारी तथा भुर्री महादलित टोला, वार्ड संख्या 04 लछौर आदिवासी टोला, वार्ड 05 जमालपुर रामटोला, वार्ड 06 करनिया आदिवासी टोला, वार्ड 08 निमनगर आदिवासी टोला, वार्ड 12 कचराबाड़ी आदिवासी टोला, वार्ड 13 के भटवार बालतर गांव,वार्ड 15 कबिरपुर पासवान टोला दुःख की बात है कि लंबा समय बीत जाने के बाद भी इन टोलों के परिवारों को आज भी सरकार की महत्वाकांक्षी नल जल योजना का लाभ नहीं मिल सका है. एक और सरकार हर गांव को पक्की सड़क से जोड़ने का दावा कर रही है. ग्रामीण गली-नाली पक्कीकरण निश्चय योजना जैसी अनेकों योजनाएं चलाई जा रही है. कई महादलित टोले आज भी पक्की सड़क से वंचित है. वार्ड संख्या 01 हरतारा आदिवासी टोला, वार्ड 05 राम टोला, वार्ड 06 करनिया हरीजन टोला एवं वार्ड 14 सितमटोला प्रधानमंत्री सड़क से कुशियामारी आदिवासी टोला तक 1 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए एक हजार की आदिवासी आबादी तथा वार्ड संख्या 15 शादीपुर हाट से कबीरपुर गांव तक 2 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए दो हजार की महादलित आबादी वर्षों से एक पक्की सड़क निर्माण के लिए जनप्रतिनिधि और अधिकारियों की ओर आस लगाए बैठे हैं. इन लोगों को निर्माण की जगह मिलता है तो बस जल्द सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ होने का आश्वासन दिया जाता है. पंचायत में कई योग्य परिवार राशन कार्ड से वंचित है. एक और विभाग द्वारा पंचायत को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित कर दिया गया है. अधिकतर महादलित परिवारों के जमीनी हकीकत कुछ और है. आज भी खुले में शौच करने को मजबूर हैं. ये महादलित गरीब परिवार स्वयं के खर्चे से शौचालय का निर्माण करने में समर्थ नहीं होने के कारण इन परिवारों को शौचालय योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है.
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