कटिहार, मनिहारी. गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के बाद मनिहारी प्रखंड की दक्षिणी कांटाकोश पंचायत में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है. अली नगर दियारा समेत पंचायत के लगभग सभी 19 वार्ड बाढ़ के पानी से जलमग्न हो गये हैं. बाढ़ के कारण ग्रामीणों के सामने आवागमन, भोजन, पशुओं के चारे और स्वास्थ्य सुविधा की समस्या उत्पन्न हो गयी है. कई दिनों से पानी जमा रहने के कारण ग्रामीणों का सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है.
नाव से पंचायत के बाढ़ प्रभावित इलाकों का लिया जायजा
बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए रविवार को पंचायत के मुखिया शरीफुल उर्फ धोनी के नेतृत्व में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने नाव से विभिन्न बाढ़ प्रभावित इलाकों का भ्रमण किया. इस दौरान अली नगर दियारा, गुआगाछी मुस्लिम टोला समेत अन्य इलाकों में बाढ़ की स्थिति देखी गयी.
ग्रामीणों ने बताया कि कई दिनों से इलाके में बाढ़ का पानी जमा है. सुरक्षित स्थानों तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है. लगातार बढ़ते गंगा के जलस्तर के कारण दैनिक जरूरतों की वस्तुओं की उपलब्धता प्रभावित हो रही है.
भोजन और राहत सामग्री की बढ़ी जरूरत
बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि पानी से घिरे रहने के कारण खाद्य सामग्री जुटाने में परेशानी हो रही है. कई परिवारों के सामने भोजन की समस्या उत्पन्न हो गयी है. ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है.
मुखिया शरीफुल उर्फ धोनी ने कहा कि अली नगर दियारा और गुआगाछी मुस्लिम टोला के साथ पंचायत के सभी 19 वार्ड बाढ़ से प्रभावित हैं. बाढ़ प्रभावित लोगों की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है.
सामुदायिक किचन और मेडिकल सुविधा शुरू करने की मांग
मुखिया ने जिला प्रशासन और मनिहारी प्रशासन से बाढ़ प्रभावित इलाकों में तत्काल राहत व्यवस्था शुरू करने की मांग की. उन्होंने प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक किचन, मेडिकल सुविधा और सूखा राशन उपलब्ध कराने की मांग की.
इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित परिवारों को सरकारी प्रावधान के अनुसार जीआर राशि उपलब्ध कराने की मांग भी की गयी है. ग्रामीणों का कहना है कि समय पर राहत नहीं मिलने पर बाढ़ के बीच परिवारों की परेशानी और बढ़ सकती है.
पशुओं के सामने भी चारे का संकट
बाढ़ का असर सिर्फ ग्रामीणों तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुपालकों के सामने भी गंभीर समस्या खड़ी हो गयी है. ग्रामीणों के अनुसार पानी के कारण खेत और आसपास के चारा क्षेत्र डूब गये हैं. इससे मवेशियों के लिए हरा चारा जुटाना मुश्किल हो गया है.
ग्रामीणों ने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में सूखा चारा उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि पशुपालकों को राहत मिल सके.
राहत व्यवस्था को लेकर प्रशासन से उम्मीद
दक्षिणी कांटाकोश पंचायत में बाढ़ का पानी फैलने के बाद ग्रामीण अब प्रशासन की ओर से राहत व्यवस्था शुरू होने की उम्मीद कर रहे हैं. स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रभावित परिवारों तक भोजन, सूखा राशन, चिकित्सा सुविधा और पशु चारा पहुंचाने की मांग की है.
मौके पर मौजूद रहे जनप्रतिनिधि और ग्रामीण
जायजा लेने के दौरान मुखिया शरीफुल उर्फ धोनी, सरपंच राहुल रोशन मोनू, पंसस शेख इंतजार, हबीब, उपमुखिया गंगाराम सिंह, वार्ड सदस्य शमी, अख्तर, वसीम, अकमल, शाहजहां, एनुल हक, शोहराब अली, आजाद अली, मुख्तार, डब्लु, नजरूल, तैमूर, नोमान, मोतीउर रहमान, कालू, अजहर, सज्जाद, शुकूर समेत अन्य लोग मौजूद थे.
