कटिहार जिले के ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व वाले नगर पंचायत मनिहारी के समग्र विकास को रफ्तार देने के लिए मुख्य पार्षद राजेश कुमार उर्फ लाखो यादव ने गुरुवार को पटना स्थित विभागीय कार्यालय में बिहार के नगर विकास एवं आवास मंत्री नितीश मिश्रा से औपचारिक मुलाकात की. इस दौरान मुख्य पार्षद ने मनिहारी के बुनियादी ढांचे, नागरिक सुविधाओं और पर्यटन विकास को लेकर एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा. उन्होंने मंत्री को अवगत कराया कि वर्ष 1974 में स्थापित यह निकाय दशकों पुराना होने के बावजूद अपेक्षित विकास से वंचित रहा है. नगर विकास मंत्री ने मनिहारी के लिए अतिरिक्त वित्तीय मदद का भरोसा दिलाते हुए क्षेत्र के दौरे का आमंत्रण भी सहर्ष स्वीकार कर लिया.
स्थायी कार्यपालक पदाधिकारी की नियुक्ति का मिला भरोसा
मुलाकात के दौरान मुख्य पार्षद ने प्रशासनिक अड़चनों को प्रमुखता से रखा:
- प्रभारी व्यवस्था से मिलेगी मुक्ति: वर्तमान में मनिहारी नगर पंचायत में पूर्णकालिक कार्यपालक पदाधिकारी (EO) नहीं होने से विकास योजनाओं की रफ्तार प्रभावित हो रही है. प्रभारी ईओ के भरोसे चल रहे निकाय में स्थायी अधिकारी की नियुक्ति की मांग पर मंत्री ने तत्काल संज्ञान लेते हुए शीघ्र स्थायी पदस्थापना का आश्वासन दिया.
- दौरे का आमंत्रण स्वीकारा: मुख्य पार्षद के अनुरोध पर मंत्री नितीश मिश्रा ने कहा कि वे जल्द ही मनिहारी का स्थलीय दौरा करेंगे और जमीनी स्तर पर चल रही योजनाओं की समीक्षा करेंगे.
मुख्य पार्षद द्वारा मांग पत्र में उठाए गए प्रमुख बिंदु
| विषय / मांग (Key Demand) | आवश्यकता एवं विवरण (Details) |
| विशेष विकास पैकेज | सड़क, जलनिकासी (नाला) और घर-घर जलापूर्ति योजनाओं के विस्तार हेतु अतिरिक्त फंड |
| स्थायी कार्यपालक पदाधिकारी | निकाय के दैनिक व प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के लिए स्थायी ईओ की प्रतिनियुक्ति |
| धार्मिक पर्यटन विकास | गंगा स्नान घाटों, ऐतिहासिक मजार और आसपास के पहुंच मार्गों का सुदृढ़ीकरण |
| गोगाबिल झील का संरक्षण | बिहार के पहले सामुदायिक रिजर्व 'गोगाबिल झील' को अंतरराष्ट्रीय ईको-टूरिज्म केंद्र बनाना |
| वर्तमान योजनाएं | वर्तमान में संचालित ₹50 करोड़ की योजनाओं की गति बढ़ाने के लिए अतिरिक्त सहयोग |
गंगा घाट और गोगाबिल झील के लिए मांगा विशेष टूरिज्म पैकेज
मुख्य पार्षद लाखो यादव ने मनिहारी की भौगोलिक और पर्यटन क्षमताओं को रेखांकित किया:
- लाखों श्रद्धालुओं का आगमन: मनिहारी में पवित्र गंगा तट पर वर्षभर, विशेषकर पूर्णिमा और कुंभ-सदृश स्नान पर्वों पर बिहार और झारखंड के लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं. घाटों के पक्कीकरण, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के लिए विशेष बजट जरूरी है.
- गोगाबिल झील का आकर्षण: प्रसिद्ध प्रवासी पक्षी आश्रयणी 'गोगाबिल झील' और स्थानीय दरगाह/धार्मिक स्थलों के व्यवस्थित विकास से मनिहारी एक बड़े पर्यटन हब के रूप में उभर सकता है.
- ₹50 करोड़ के काम जारी: उन्होंने बताया कि वर्तमान में 50 करोड़ रुपये की योजनाओं पर काम चल रहा है, लेकिन पुराने कस्बे के आधुनिक कायाकल्प के लिए राज्य सरकार के अतिरिक्त वित्तीय सहयोग की सख्त जरूरत है.
