कटिहार जिले के अमदाबाद नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत मायामारी गांव में महानंदा नदी ने एक बार फिर अपना उग्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. नदी द्वारा किए जा रहे कटाव से करीब 5 मीटर चौड़ी और 50 मीटर लंबी उपजाऊ जमीन कटकर महानंदा के तेज बहाव में समा गई है. बीते दिनों विभाग द्वारा किए गए कटावरोधी उपाय नदी की धारा के सामने बेअसर साबित हो रहे हैं, जिससे पूरे मायामारी गांव में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है.
बंबू रोलिंग हुआ विफल, ग्रामीण तोड़ रहे अपना आशियाना
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, कटाव की भयावह स्थिति को देखते हुए गांव के शेख बालक ने संभावित खतरे से बचने के लिए अपना घर तोड़कर सुरक्षित स्थान पर हटा लिया है:
- विफल हुआ प्रयास: ग्रामीणों (शेख गुड्डू, शेख गालिब और शेख हेलाल) ने बताया कि मायामारी गांव के पूर्वी छोर पर पूर्व में भी कटाव हुआ था. तब महानंदा विभाग ने बंबू रोल डालकर कटाव रोकने का प्रयास किया था, लेकिन नदी के तेज बहाव के आगे बंबू रोलिंग का काम टिक नहीं सका.
- विस्थापन का खतरा: ग्रामीणों का कहना है कि नदी की धार धीरे-धीरे गांव की ओर बढ़ रही है. यदि समय रहते प्रभावी कटावरोधी कार्य नहीं शुरू किया गया, तो गांव की एक बड़ी आबादी को विस्थापन का दंश झेलना पड़ेगा.
विभाग का पक्ष: वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया जायजा
कटाव की सूचना मिलने के बाद सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारी हरकत में आए हैं:
कनीय अभियंता (JE) राहुल कुमार चौहान का बयान: "कटाव स्थल का निरीक्षण वरीय अधिकारियों द्वारा कर लिया गया है. विभागीय दिशा-निर्देश और स्वीकृति मिलते ही कटावरोधी कार्य (Erosion Control Work) तुरंत शुरू कराया जाएगा."
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि कागजी प्रक्रियाओं से इतर धरातल पर जल्द से जल्द मजबूत जियो बैग या बोल्डर पिचिंग कराकर गांव को महानंदा के आगोश में समाने से बचाया जाए.
