कटिहार जिले के डंडखोरा प्रखंड के भमरेली की बहू साहित्यकार डॉ रानी कंचनलता को हरिद्वार काव्य महोत्सव में जयशंकर प्रसाद गौरव सम्मान पुरस्कार से सम्मानित किया गया. यह पुरस्कार उत्कृष्ट साहित्यिक लेखन एवं प्रेरणाप्रद सृजन एवं समाज के विकास, राष्ट्रीय एकता, राष्ट्र भक्ति के प्रचार-प्रसार एवं हिंदी भाषा के उन्नयन एवं उत्थान में विशिष्ट योगदान के लिए उन्हें दिया गया है. साहित्यकार डॉ कंचनलता ने बताया कि उत्तराखंड के आरडी काव्य कुल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उन्हें पुरस्कृत किया गया. पुरस्कार मिलने पर सामाजिक, राजनीतिक कार्यकर्ताओं व जनप्रतिनिधियों ने उन्हें बधाई दी है. साहित्यकार डॉ कंचनलता को इसके पूर्व भी ग्वालियर साहित्य कला परिषद द्वारा लाइफ टाइमअचीवमेंट अवार्ड सहित कई अवार्ड मिल चुका है. डंडखोरा भमरेली निवासी व अधिवक्ता कृष्ण कुमार देव की पत्नी व ससुर सेवानिवृत्त शिक्षक बिंदेश्वर देव की बहू व जाने माने साहित्यकार डॉ कंचनलता रानी को इसके पहले भी राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय स्तर के संस्थानों की ओर कई तरह के पुरस्कार से सम्मानित किया है. उन्हें मिसेज इंडिया प्राइड ऑफ नेशन राइजिंग स्टार का खिताब मिल चुका है. प्रभात खबर के साथ बातचीत में डॉ कंचन लता कहती है कि प्रारंभिक शिक्षा के साथ-साथ पीएचडी तक की पढ़ाई एवं म्यूजिक की शिक्षा प्राप्त करने में पिता रामबदन पोद्दार व माता नीलम कुमारी का महत्वपूर्ण सहयोग रहा है. माता-पिता के सहयोग एवं प्रेरणा की वजह से ही वह आज इस मुकाम तक पहुंची है. वह इस बात को भी स्वीकार करती है कि इस मुकाम तक पहुंचाने में उनके पति कृष्ण कुमार देव एवं ससुर सेवानिवृत्त शिक्षक बिंदेश्वर देव सहित परिवार के अन्य सभी सदस्यों का भरपूर सहयोग मिला. बातचीत में वह कहती हैं कि उनकी कई काव्य रचना विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई है. देश के प्रतिनिधि सजलकार नामक पुस्तक में भी उनकी रचनाएं प्रकाशित हुयी है. उन्हें कई कवि सम्मेलनों में भी अपनी रचनाओं की प्रस्तुति का मौका मिला है. पुरस्कार हासिल करने के बाद बातचीत में कंचन लता यह भी कहती है कि बेटियां किसी से कम नहीं होती. समाज को भी अपनी मानसिकता बदलनी चाहिए. अवसर मिलने पर बेटियां शिखर तक पहुंच सकती है.
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