कटिहार विधान पार्षद अशोक कुमार अग्रवाल ने बिहार विधान परिषद् में अपने तारांकित प्रश्न के दौरान सदन को बताया कि सरकार का पूर्ण सहयोग नहीं मिलने के कारण कटिहार शहर के औद्योगिक प्रांगण क्षेत्र विजय बाबू पोखर के उद्यमी अपना उद्यम छोड़कर चले गये हैं. उद्यमियों के पलायन का मुद्दा उठाते हुए बताया कि औद्योगिक प्रांगण क्षेत्र विजय बाबू पोखर में दर्जनों उद्यमी लगभग 50 वर्षों से अपना उद्योग चला रहे हैं. बियाडा की ओर से उद्यमियों को सहयोग नहीं मिलने से कई औद्योगिक इकाइयों को रद्द करने का सामना करना पड़ा. उद्यमियों को बेरोजगारी का दंश झेलना पड़ा. उद्योगों को पुनर्जीवित करने, सहयोग प्रदान करने और सुविधाएं उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में सरकार ने सदन को बताया कि विजय बाबू पोखर औद्योगिक प्रांगण कुल 24.31 एकड़ भूमि में अवस्थित है तथा 32 इकाइयों द्वारा अपना उद्योग स्थापित कर इकाई का सफल संचालन किया जा रहा है. बंद पड़ी इकाइयों, रद्द इकाइयों के लिए एग्जिट नीति एवं एमनेस्टी नीति 2025 का लाभ प्रदान किया जा रहा है. भूमि आवंटन नियम शर्तों का उल्लंघन किये जाने के फलस्वरूप पर्याप्त अवसर के उपरांत बियाडा अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही की जाती है.
विधान पार्षद ने उठाया विजय बाबू पोखर औद्योगिक प्रांगण का मुद्दा
विधान पार्षद ने उठाया विजय बाबू पोखर औद्योगिक प्रांगण का मुद्दा
