कटिहार के कोढ़ा से अमीर सोहेल की रिपोर्ट
Kolasi Police: कटिहार जिले के कोढ़ा थाना क्षेत्र में अपराधियों और फरार चल रहे वारंटियों के खिलाफ चलाए जा रहे धर-पकड़ अभियान के तहत कोलासी पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है. कोलासी पुलिस शिविर के कांड संख्या-197/25 में मुख्य रूप से नामजद और फरार चल रहे प्राथमिकी अभियुक्त शमीम उर्फ साहिल को पुलिस ने घेराबंदी कर दबोच लिया है. यह सफल कार्रवाई कोलासी पुलिस शिविर प्रभारी श्रवण कुमार के कुशल नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम द्वारा की गई, जिसमें शिविर के अन्य पुलिस पदाधिकारियों और जवानों ने भी बेहद सक्रिय भूमिका निभाई.
गुप्त सूचना पर सुनियोजित छापेमारी, लंबे समय से फरार था आरोपी
इस पुलिसिया कार्रवाई और पकड़े गए अभियुक्त की पृष्ठभूमि का विवरण निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से सामने आया है:
- लगातार बदल रहा था ठिकाना: कोलासी पुलिस शिविर से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी शमीम उर्फ साहिल अपने खिलाफ मामला (केस नंबर 197/25) दर्ज होने के बाद से ही लगातार गिरफ्तारी के डर से फरार चल रहा था. वह पुलिस को चकमा देने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और पुलिस की विशेष टीम उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी.
- छापेमारी कर दबोचा गया: रविवार को कोलासी पुलिस शिविर प्रभारी श्रवण कुमार को अभियुक्त के क्षेत्र में ही किसी गुप्त स्थान पर मौजूद होने का सटीक इनपुट (गुप्त सूचना) मिला. सूचना मिलते ही पुलिस ने बिना समय गंवाए एक सुनियोजित रणनीति तैयार की और बताए गए ठिकाने पर अचानक छापेमारी कर दी, जिससे आरोपी को भागने का मौका नहीं मिला और वह दबोच लिया गया.
पुलिसिया कार्रवाई से आम जनता का कानून में बढ़ा भरोसा
सुरक्षा का माहौल: शमीम उर्फ साहिल की गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र के स्थानीय ग्रामीणों और आम जनता के बीच कानून-व्यवस्था को लेकर विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है. लोगों ने पुलिस की इस त्वरित और मुस्तैद कार्रवाई की सराहना की है.
पूछताछ जारी, अन्य संलिप्त लोगों पर भी होगी कार्रवाई
प्रशासनिक वक्तव्य:
गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि करते हुए कोलासी पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गए अभियुक्त को पुलिस अभिरक्षा में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है. पुलिस इस कांड से जुड़े अन्य सभी तकनीकी व जमीनी पहलुओं की भी बारीकी से जांच कर रही है.
अधिकारियों ने स्पष्ट लहजे में चेतावनी दी है कि इस आपराधिक मामले में यदि किसी अन्य व्यक्ति या मददगार की संलिप्तता (मिलीभगत) सामने आती है, तो उन्हें भी किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ भी कानून सम्मत सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. फिलहाल आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी की जा रही है.
