Kodha Nagar Panchayat Drain Construction Corruption: कटिहार के कोढ़ा से अमीर सोहेल की रिपोर्ट: कोढ़ा नगर पंचायत क्षेत्र में निर्माणाधीन नाले में वित्तीय अनियमितता और घटिया सामग्री के इस्तेमाल को लेकर ‘प्रभात खबर’ द्वारा 3 जुलाई 2024 को प्रकाशित की गई रिपोर्ट अब अक्षरशः सही साबित हो रही है. उस समय अखबार ने जिस गंभीरता के साथ नाला निर्माण में हो रही धांधली को उजागर किया था, आज धरातल पर उसी नाले की बदहाल स्थिति प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है. नगर पंचायत के वार्ड नंबर 6 में बने इस नाले के ढक्कन अभी से टूटकर बिखरने लगे हैं, जिससे स्थानीय वार्डवासियों में भारी आक्रोश है.
कब्रिस्तान जाने वाले मुख्य मार्ग पर टूटा ढक्कन, राहगीर परेशान
मिली जानकारी के अनुसार, यह महत्वपूर्ण नाला गेड़ाबाड़ी बाजार के मुख्य नाले से जुड़ता है और कब्रिस्तान होते हुए दनारपुल की ओर जाता है. वर्तमान में खासकर कब्रिस्तान जाने वाले व्यस्त रास्ते पर नाले का आरसीसी ढक्कन बीच से टूटकर धंस गया है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए हर वक्त दुर्घटना का खतरा पैदा हो गया है. स्थानीय नागरिकों का साफ कहना है कि जिस निम्न गुणवत्ता पर निर्माण के समय उंगली उठाई गई थी, अफसरों की मिलीभगत के कारण आज वही घटिया काम जनता के सामने मुसीबत बनकर आ गया है.
बच्चे और बुजुर्गों पर आफत, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
वार्ड नंबर 6 के निवासियों ने बताया कि इस रास्ते से रोजाना स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं सहित बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं. जनाजे के समय कब्रिस्तान जाने वाले लोगों को भी इसी संकीर्ण और टूटे रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ता है. ऐसे में नाले का खुला और टूटा हुआ हिस्सा कभी भी किसी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकता है. मोहल्ले के लोगों ने चिंता जताते हुए कहा कि कई बार छोटे बच्चे खेलते-खेलते इस गहरे और नुकीले टूटे हिस्से के पास पहुंच जाते हैं, जिससे माता-पिता हमेशा डर के साये में जीने को मजबूर हैं.
‘प्रभात खबर’ की रिपोर्ट को भी अधिकारियों ने किया था नजरअंदाज
स्थानीय नागरिकों ने नगर पंचायत प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जब नाले की ढलाई हो रही थी, तभी इंजीनियरों और ठेकेदार से अनियमितता की शिकायत की गई थी, लेकिन उस समय जनता की आवाज को दबा दिया गया. इसके बाद जब मीडिया ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाकर तकनीकी खामियों को उजागर किया, तब भी संबंधित आला अधिकारियों की ओर से ठेकेदार पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. अब जब महज कुछ समय में ही नाले के ढक्कन ताश के पत्तों की तरह टूटने लगे हैं, तो यह साफ हो गया है कि सरकारी राशि की बंदरबांट की गई थी.
दोषियों पर कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग
वार्डवासियों ने जिला प्रशासन और नगर विकास विभाग से पुरजोर मांग की है कि:
- टूटे हुए नाले के ढक्कन की अविलंब मरम्मत कराकर रास्ता सुरक्षित किया जाए.
- पूरे नाले की ढलाई और प्रयुक्त सामग्री की प्रयोगशाला (Lab) जांच कराई जाए.
- दोषी संवेदक (ठेकेदार) को ब्लैकलिस्ट करते हुए संबंधित कनिष्ठ अभियंता (JE) और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए.
हालांकि, इस पूरे मामले पर अब तक कोढ़ा नगर पंचायत प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन स्थानीय जनता का बढ़ता आक्रोश देखकर जल्द ही किसी विभागीय एक्शन की उम्मीद जताई जा रही है.
