'बिना देखे बोलने से निखरती है अभिव्यक्ति की कला': कटिहार में बोले मुनिश्री प्रशांत कुमार

कटिहार में तेरापंथ युवक परिषद द्वारा आयोजित भाषण प्रतियोगिता में मुनिश्री प्रशांत कुमार ने व्यक्तित्व विकास में भाषण कला के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि मंच पर बोलने से आत्मविश्वास बढ़ता है और ज्ञान का विस्तार होता है. इस प्रतियोगिता में जूनियर और सीनियर वर्ग के प्रतिभागियों ने शानदार प्रदर्शन किया.

कटिहार. मुनिश्री प्रशांत कुमार एवं मुनिश्री कुमुद कुमार के सान्निध्य में तेरापंथ युवक परिषद की ओर से बुधवार को भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई. प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार व्यक्त करते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया.

भाषण कला व्यक्तित्व विकास का सुंदर माध्यम

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुनिश्री प्रशांत कुमार ने कहा कि सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने अंदाज में अच्छी प्रस्तुति दी और अनेक विषयों पर विचार व्यक्त किए. उन्होंने कहा कि भाषण प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य प्रतिभा और बोलने की कला का विकास करना है. उन्होंने कहा कि मंच पर प्रस्तुति देने से व्यक्ति का साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है. इस तरह की प्रतियोगिताएं व्यक्तित्व विकास का सुंदर माध्यम हैं. प्रतियोगिता में भाग लेने से प्रतिभागियों को विभिन्न विषयों की जानकारी प्राप्त करने और ज्ञान अर्जित करने का अवसर मिलता है.

विषय की जानकारी और अध्ययन जरूरी

मुनिश्री प्रशांत कुमार ने कहा कि बिना देखे बोलने का अभ्यास बोलने की कला के विकास में काफी सहायक होता है. किसी भी विषय पर प्रभावी ढंग से बोलने के लिए उसके संबंध में पर्याप्त जानकारी होना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि नियमित अध्ययन से नई-नई जानकारियां मिलती हैं और व्यक्ति की अभिव्यक्ति क्षमता भी बेहतर होती है. उन्होंने कटिहार में आयोजित सीपीएस की कक्षाओं का भी उल्लेख करते हुए इसे प्रतिभा विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम बताया.

दो ग्रुप में आयोजित हुई प्रतियोगिता

नीरज दुगड़ ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत तेरापंथ महिला मंडल की सदस्यों द्वारा प्रस्तुत मंगलाचरण से हुई. विषय प्रस्तुति राकेश सुराणा ने दी, जबकि समय पालक की भूमिका आयुष घोड़ावत ने निभाई.

प्रतियोगिता को जूनियर और सीनियर दो ग्रुप में आयोजित किया गया.

जूनियर और सीनियर ग्रुप के विजेता हुए सम्मानित

जूनियर ग्रुप में भावना चौरड़िया ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. रुचिका घोड़ावत द्वितीय और मास्टर श्रेयांस संचेती तृतीय स्थान पर रहे. वहीं सीनियर ग्रुप में अमित पटावरी ने प्रथम स्थान हासिल किया. टीना जैन द्वितीय और खुशबू छाजेड़ तृतीय स्थान पर रहीं.

मुनिश्री कुमुद कुमार और श्रेयांस खटेड़ ने किया संयोजन

कार्यक्रम का संयोजन मुनिश्री कुमुद कुमार एवं श्रेयांस खटेड़ ने किया. प्रतियोगिता के सफल आयोजन में परिषद से जुड़े लोगों ने सहयोग किया. अंत में अमित पटावरी ने धन्यवाद ज्ञापन किया.

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लेखक के बारे में

By सूरज कुमार गुप्ता

सूरज कुमार गुप्ता पिछले 25 वर्षों से प्रिंट मीडिया में एक्टिव है. वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत की. राजनीतिक व सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दों पर पत्रकारिता करना इनकी रुचि में शामिल है. सामाजिक कार्यो में उत्कृष्ट योगदान के लिए वर्ष 2007 में इन्हें भारत सरकार की ओर से तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से सम्मानित किया था.

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