कटिहार से राज किशोर चौरसिया की रिपोर्ट
Katihar Sadar Hospital: सीमांचल के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्रों में शुमार जिला सदर अस्पताल कटिहार की आंतरिक और बाह्य चिकित्सा कड़ियों को और अधिक पारदर्शी व सुलभ बनाने के लिए प्रशासनिक कमान कसी गई है. आज मंगलवार को अस्पताल की मुख्य ओपीडी में चार प्रमुख विभागों के विशेषज्ञ कप्तानों (डॉक्टरों) की प्रतिनियुक्ति की गई है. इसके साथ ही गंभीर और आकस्मिक हादसों के शिकार मरीजों के लिए अस्पताल की इमरजेंसी विंग को राउंड द क्लॉक (24 घंटे) तीन अलग-अलग शिफ्टों में डॉक्टरों से लैस किया गया है, जिससे जिलावासियों को ससमय गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सकेगा.
ओपीडी में इन चार विभागों के विशेषज्ञ संभालेंगे कमान; देखें डॉक्टरों की सूची
- मेडिसिन (सामान्य रोग): विभाग में डॉ. एसपी विनकर ओपीडी कक्ष में मुस्तैद रहेंगे, जो मौसमी बीमारियों, बुखार और बीपी-शुगर के मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श देंगे.
- गायनो (महिला व प्रसव रोग): ग्रामीण इलाकों से आने वाली गर्भवती महिलाओं और कनिष्ठ-वरिष्ठ स्त्री रोग से पीड़ित मरीजों की जांच के लिए डॉ. अभिरुचि मनु उपलब्ध रहेंगी.
- ईएनटी (नाक, कान व गला): विभाग की कमान विशेषज्ञ चिकित्सक विपिन कुमार के हाथों में संधारित होगी.
- डेंटल (दंत चिकित्सा रोग): दांत के दर्द, मसूड़ों की समस्या और मामूली दंत उपचार के लिए डेंटल विभाग में डॉ. एके सिंह मरीजों के लिए मुस्तैद रहेंगे.
आपातकालीन (Emergency) वार्ड में 24 घंटे डॉक्टरों का कड़ा पहरा
सदर अस्पताल प्रशासन के अनुसार, दुर्घटना या अचानक तबीयत बिगड़ने जैसी क्रिटिकल विसंगतियों से निपटने के लिए इमरजेंसी कड़ियों को तीन पालियों (शिफ्टों) में विभाजित कर डॉक्टरों की कमान तय की गई है:
| ड्यूटी शिफ्ट का समय | मुस्तैद डॉक्टर का नाम |
| प्रथम शिफ्ट: सुबह 08:00 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक | डॉ. विपिन कुमार |
| द्वितीय शिफ्ट: दोपहर 02:00 बजे से रात 09:00 बजे तक | डॉ. आशीष प्रकाश |
| तृतीय (नाइट) शिफ्ट: रात 09:00 बजे से सुबह 08:00 बजे तक | डॉ. दिगम्बर |
स्वास्थ्य विभाग की अपील: गंभीर स्थिति में ही करें इमरजेंसी का रुख
“शिफ्टवार डॉक्टरों की मुस्तैदी से रेफरल कड़ियों में कमी आएगी और मरीजों को ऑन-स्पॉट त्वरित लाइफ-सपोर्ट संबल मिल सकेगा. आम नागरिकों से अपील है कि वे सामान्य सर्दी, खांसी या रूटीन चेकअप के लिए केवल ओपीडी के निर्धारित समय पर ही अस्पताल आएं, ताकि इमरजेंसी वार्ड के कप्तानों पर अत्यधिक दबाव न बने और अति गंभीर व दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को समय पर आपातकालीन सेवा संधारित की जा सके.”
इधर, सिविल सर्जन कार्यालय के कनिष्ठ पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे दवा वितरण केंद्र और पर्चा काउंटरों पर कतारबद्ध कली-मजदूरों और बुजुर्गों की सहूलियत का विशेष ध्यान रखें, ताकि अस्पताल आने वाले किसी भी तीमारदार को कड़ाके की धूप और उमस के बीच अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े.
