कटिहार. कटिहार आरपीएफ ने नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस में जांच के दौरान एक महिला समेत चार संदिग्ध विदेशी नागरिकों को पकड़ा है. आरपीएफ के अनुसार पूछताछ और दस्तावेजों की जांच में महिला और तीन नाबालिग लड़कियों के म्यांमार के रोहिंग्या होने की बात सामने आयी. आरपीएफ ने महिला को कस्टडी में लेकर चारों को आगे की कार्रवाई के लिए कटिहार रेल थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया. तीनों नाबालिग लड़कियों को बाल संरक्षण गृह भेजा गया है.
प्लेटफॉर्म पर चेकिंग के दौरान हुआ संदेह
आरपीएफ कमांडेंट के निर्देश पर आरपीएफ ईस्ट कार्यालय प्रभारी विक्रम सिंह के नेतृत्व में प्लेटफॉर्म पर नियमित चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था. इसी दौरान प्लेटफॉर्म संख्या एक पर आरपीएफ कर्मियों की टीम तैनात थी.
ट्रेन संख्या 12505 नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस के प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही आरपीएफ ने ट्रेन में जांच शुरू की. इसी दौरान एक संदिग्ध महिला के साथ तीन नाबालिग लड़कियां नजर आयीं. उनकी गतिविधियों पर संदेह होने के बाद आरपीएफ ने उनसे पूछताछ शुरू की.
दस्तावेजों की जांच में सामने आयी पहचान
आरपीएफ के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ के दौरान महिला और नाबालिग लड़कियों ने जानकारी देने से बचने का प्रयास किया. इसके बाद आरपीएफ ने उनके दस्तावेजों की जांच की. जांच के दौरान उनके म्यांमार से संबंधित होने की जानकारी सामने आयी.
पुलिस के अनुसार पूछताछ में यह भी पता चला कि वे कथित तौर पर म्यांमार से भारत में प्रवेश कर दिल्ली की ओर जाने की कोशिश में थीं. मामले की विस्तृत जांच रेल थाना पुलिस की ओर से की जा रही है.
महिला को कस्टडी में लिया, नाबालिगों को सौंपा
आरपीएफ ने महिला को कस्टडी में लेकर आगे की कार्रवाई के लिए कटिहार रेल थाना पुलिस को सौंप दिया. वहीं तीनों नाबालिग लड़कियों को बाल संरक्षण व्यवस्था के तहत संबंधित एजेंसी के सुपुर्द किया गया. बाद में उन्हें बाल संरक्षण गृह भेजे जाने की जानकारी दी गयी है.
आरपीएफ की टीम ने की कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान आरपीएफ निरीक्षक के निर्देश पर एलएसआई सारिका कुमारी, सहायक अवर निरीक्षक बीके राय, कांस्टेबल प्रवीण और एसके मीना प्लेटफॉर्म संख्या एक पर तैनात थे. टीम ने ट्रेन के रुकते ही जांच अभियान चलाया, जिसके दौरान चारों को पकड़ा गया.
इमिग्रेशन और पासपोर्ट कानून के तहत जांच
मामले को लेकर कटिहार रेल थाना पुलिस ने इमिग्रेशन एंड फॉरनर्स एक्ट, 2025 और पासपोर्ट संबंधी कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि महिला और नाबालिग लड़कियां भारत में कब और किस रास्ते से दाखिल हुईं तथा उन्हें दिल्ली ले जाने के पीछे किसकी भूमिका थी.
