बारिश और आंधी ने बिगाड़ी किसानों की तैयारी, जूट खेती पर असर, मक्का किसानों की बढ़ी परेशानी

किसान विशाल कुमार, कृष्णा कुमार, डब्लू कुमार और उपसरपंच दलन पूरब पंचायत के रविशंकर चौधरी सहित अन्य किसानों ने बताया कि वे लोग लगभग चार एकड़ में जूट की खेती करने की तैयारी में थे, लेकिन मौसम खराब होने के कारण अब अगले चार से पांच दिनों तक बुआई संभव नहीं हो पाएगी.

कटिहार से सरोज कुमार की रिपोर्ट:

लाइन सोइंग विधि से जूट की खेती को बढ़ावा देने की तैयारी कर रहे किसानों की उम्मीदों पर लगातार हो रही बारिश ने पानी फेर दिया है. शुक्रवार को रौतारा क्षेत्र के किसानों ने वैज्ञानिकों और अनुभवी किसानों के सहयोग से जूट की लाइन सोइंग विधि से बुआई की तैयारी पूरी कर ली थी और सभी को इसके लिए सूचना भी दी गई थी, लेकिन शनिवार की अहले सुबह आई आंधी और बारिश ने पूरी योजना को प्रभावित कर दिया.

किसान विशाल कुमार, कृष्णा कुमार, डब्लू कुमार और उपसरपंच दलन पूरब पंचायत के रविशंकर चौधरी सहित अन्य किसानों ने बताया कि वे लोग लगभग चार एकड़ में जूट की खेती करने की तैयारी में थे, लेकिन मौसम खराब होने के कारण अब अगले चार से पांच दिनों तक बुआई संभव नहीं हो पाएगी.

अहले सुबह करीब चार बजे आई तेज आंधी के कारण कई घरों की छतों से टीन उड़कर खेतों में जा गिरे, जिससे लोगों को भारी नुकसान हुआ. सुबह जब लोग जागे तो अपने घरों की स्थिति देखकर हैरान रह गए.

किसान रविशंकर चौधरी ने बताया कि इन दिनों लगातार हो रही बारिश से किसान पहले से ही परेशान हैं. खासकर मक्का की खेती करने वाले किसान भारी नुकसान झेल रहे हैं और उनकी लागत व मेहनत पर पानी फिर गया है.

वहीं बारिश के कारण पंचायतों के गली-मोहल्लों और सड़कों पर जलजमाव की स्थिति भी उत्पन्न हो गई, जिससे लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. हालांकि बारिश से कुछ राहत भी मिली, लेकिन जलजमाव और आंधी से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं.

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Published by: Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। अपने समाचार पोर्टल पर कार्य करते हुए उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल कंटेंट निर्माण में अनुभव हासिल किया। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

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