Katihar Railway News: कटिहार में से नीरज की रिपोर्ट. पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने अप्रैल माह में माल परिवहन कारोबार में मजबूत बढ़त दर्ज की है. रेलवे के कटिहार, अलीपुरद्वार और लामडिंग मंडलों में विभिन्न सामग्रियों की बड़े पैमाने पर ढुलाई की गई, जिससे करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ. रेलवे की नई नीतियों और माल ढुलाई को बढ़ावा देने वाली पहलों का असर अब साफ दिखाई देने लगा है. खासकर कटिहार मंडल में मक्का परिवहन और लामडिंग मंडल में सीमेंट व पेट्रोलियम ढुलाई ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है.
कटिहार मंडल से मक्का की रिकॉर्ड ढुलाई
कटिहार रेल मंडल के अंतर्गत पूर्णिया जंक्शन और जलालगढ़ स्टेशनों से मक्का के 126 वैगनों वाली तीन रेकों की लोडिंग की गई. इस परिवहन से रेलवे को लगभग 0.33 करोड़ रुपये का माल राजस्व प्राप्त हुआ. रेलवे अधिकारियों के अनुसार कृषि उत्पादों की ढुलाई में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे किसानों और व्यापारियों दोनों को लाभ मिल रहा है.
बांग्लादेश तक बढ़ा माल परिवहन नेटवर्क
रेलवे ने माल परिवहन को और मजबूत बनाने के लिए कटिहार मंडल के रहमतपुर और पौआखाली स्टेशनों को 16 अप्रैल से आवक और जावक माल ढुलाई के लिए खोल दिया है. खास बात यह है कि इन स्टेशनों से घरेलू परिवहन के साथ बांग्लादेश तक माल भेजने की सुविधा भी शुरू की गई है. इससे सीमावर्ती व्यापार को नई गति मिलने की उम्मीद है.
आलू और सीमेंट ढुलाई से करोड़ों का राजस्व
अलीपुरद्वार मंडल ने धुपगुड़ी स्टेशन से न्यू तिनसुकिया और शालचापरा तक आलू के 378 वैगनों वाले नौ रेक भेजे, जिससे 1.61 करोड़ रुपये का राजस्व मिला. वहीं लामडिंग मंडल ने सीमेंट के 1986 वैगनों की बुकिंग कर 10.96 करोड़ रुपये की कमाई की. यह सीमेंट डिमापुर, कटिहार, न्यू जलपाईगुड़ी और रंगिया सहित कई प्रमुख स्टेशनों तक भेजा गया.
पेट्रोलियम और बांस परिवहन को भी बढ़ावा
रेलवे ने पेट्रोलियम तेल और लुब्रिकेंट्स के 400 वैगनों की ढुलाई कर 3.41 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया. वहीं बांस उद्योग को प्रोत्साहन देने के लिए कवर्ड वैगनों में बिजी सीजन सरचार्ज में छूट की अवधि अप्रैल 2027 तक बढ़ा दी गई है. लामसाखांग स्टेशन से बैंबू चिप्स के 20 वैगनों की लोडिंग भी की गई.
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