Katihar News: कटिहार. शहर के वार्ड नंबर 45 में NH 131A के नीचे बना अंडरपास इन दिनों लोगों के लिए सुविधा के बजाय परेशानी का कारण बन गया है. बारिश होते ही अंडरपास में घुटने भर पानी जमा हो जाता है. हालात ऐसे हो जाते हैं कि लोगों के लिए पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है. सबसे बड़ी चिंता यह है कि यही रास्ता आसपास के पांच गांवों के लोगों के लिए बाजार, स्कूल और अस्पताल तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है.
जलजमाव के कारण रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हो रही है. बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी हो रही है, जबकि मरीजों और बुजुर्गों के लिए पानी से होकर गुजरना और भी मुश्किल हो जाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दिनों में यह रास्ता लगभग बंद होने की स्थिति में पहुंच जाता है.
बारिश होते ही अंडरपास में भर जाता है पानी
स्थानीय लोगों के अनुसार अंडरपास में जलजमाव की समस्या बारिश के बाद गंभीर हो जाती है. पानी निकलने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से यहां लंबे समय तक पानी जमा रहता है. सड़क से गुजरने वाले लोगों को पानी के बीच से होकर आवागमन करना पड़ता है.
घुटने तक पानी जमा होने के कारण पैदल यात्रियों के लिए रास्ता पार करना आसान नहीं रहता. दोपहिया और ऑटो से गुजरने वाले लोगों के लिए भी खतरा बना रहता है. स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार ऑटो और बाइक सवार पानी के कारण गिरकर चोटिल हो चुके हैं.
पांच गांवों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित
यह समस्या केवल अंडरपास तक सीमित नहीं है. इससे जुड़े पांच गांवों के लोगों की रोजाना की आवाजाही प्रभावित हो रही है. बाजार से जरूरी सामान लेने से लेकर बच्चों के स्कूल जाने और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने तक के लिए लोगों को इसी रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ता है.
बारिश के दौरान जब अंडरपास से गुजरना मुश्किल हो जाता है तो लोगों को लंबा रास्ता अपनाना पड़ता है. इससे समय और परेशानी दोनों बढ़ जाते हैं. खासकर बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों के लिए वैकल्पिक रास्ते से जाना आसान नहीं होता.
शिकायतों के बावजूद समाधान का इंतजार
स्थानीय लोगों का कहना है कि अंडरपास में जलजमाव की समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों से शिकायत की जा चुकी है. इसके बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है. लोगों का कहना है कि हर बारिश में वही समस्या दोबारा सामने आ जाती है.
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले कटिहार सांसद ने भी अंडरपास का निरीक्षण किया था. उस दौरान जल्द सुधार का आश्वासन दिया गया था. हालांकि स्थानीय लोगों के मुताबिक मौके पर अभी भी स्थिति में कोई ठोस बदलाव नहीं दिख रहा है.
प्रशासन और NHAI से लोगों की सीधी मांग
लगातार जलजमाव से परेशान लोगों में जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी भी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या का समाधान केवल आश्वासन से नहीं, बल्कि मौके पर स्थायी जल निकासी व्यवस्था और अंडरपास की जरूरी मरम्मत से होगा.
स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI से जल्द हस्तक्षेप करने की मांग की है. लोगों की मांग है कि अंडरपास में जमा पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए और जहां मरम्मत की जरूरत है, वहां काम कराया जाए.
Katihar News: बरसात में रास्ता बंद हुआ तो बढ़ेगी परेशानी
स्थानीय लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता आने वाले बारिश के दिनों को लेकर है. यदि जलजमाव की समस्या का समय रहते समाधान नहीं हुआ तो पांच गांवों के लोगों की आवाजाही और प्रभावित हो सकती है. स्कूल जाने वाले बच्चों, अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और रोजाना बाजार आने-जाने वाले लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ सकता है.
ऐसे में अब लोगों की नजर प्रशासन और NHAI की कार्रवाई पर है. सवाल यही है कि हर बारिश में जलजमाव झेलने वाले इस अंडरपास की समस्या का स्थायी समाधान कब होगा और लोगों को सुरक्षित आवाजाही कब मिल पाएगी.
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