"बिहार की लोक संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाना है लक्ष्य..." जानें दूरदर्शन और रेलवे के मंचों पर चमकने वाली रितु की कहानी

कटिहार की युवा कथक नृत्यांगना रितु ने अपनी प्रतिभा से कला जगत में एक खास मुकाम हासिल किया है. उनका सपना है कि वह कथक नृत्य के माध्यम से बिहार की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं को देश-विदेश तक पहुंचाएं.

कटिहार. कटिहार की युवा कथक शास्त्रीय नृत्य कलाकार रितु ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और निरंतर साधना के बल पर कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय पहचान बनाई है. उनकी उपलब्धियों पर कटिहार के कलाकारों और कला प्रेमियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं. रितु ने कथक के साथ नृत्य की विभिन्न विधाओं में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है.

बचपन से ही नृत्य और कला के प्रति रहा लगाव

जानकारों के अनुसार रितु बचपन से ही नृत्य और कला के क्षेत्र में सक्रिय रही हैं. कला के प्रति उनकी रुचि समय के साथ निरंतर मजबूत होती गयी और नियमित अभ्यास व साधना के माध्यम से उन्होंने अपनी प्रतिभा को निखारा. वर्तमान में वह इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय से संबंधित अध्ययन कर रही हैं.

कला उत्सव में हासिल किया द्वितीय स्थान

रितु की उपलब्धियों में कला उत्सव में द्वितीय स्थान प्राप्त करना भी शामिल है. इसके अलावा उन्होंने विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं और महोत्सवों में पुरस्कार हासिल किए हैं. भारतीय रेलवे और दूरदर्शन से जुड़े सांस्कृतिक मंचों पर भी उन्होंने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है तथा इन मंचों से जुड़े आयोजनों में चयनित होकर अपनी कला का परिचय दिया है.

माता-पिता और गुरुजनों को दिया सफलता का श्रेय

रितु अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और परिवार को देती हैं. उनका कहना है कि परिवार और गुरुजनों से मिले सहयोग और मार्गदर्शन ने उन्हें लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. वह अपनी कला को और बेहतर बनाने के लिए निरंतर अभ्यास और साधना को सबसे महत्वपूर्ण मानती हैं.

देश-विदेश तक कथक और बिहार की संस्कृति पहुंचाने का लक्ष्य

रितु का उद्देश्य एक सफल और प्रतिष्ठित नृत्य कलाकार बनना है. वह अपनी कला को देश-विदेश तक पहुंचाना चाहती हैं और बिहार की संस्कृति एवं लोक परंपराओं को व्यापक पहचान दिलाने का सपना रखती हैं. उनका कहना है कि कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति और परंपरा को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का भी महत्वपूर्ण जरिया है.

नई पीढ़ी के कलाकारों को प्रेरित करना चाहती हैं

रितु आने वाली पीढ़ी के कलाकारों को भी अपनी कला और अनुभव के माध्यम से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहती हैं. उनका मानना है कि कला के क्षेत्र में सफलता हासिल करने के लिए प्रतिभा के साथ अनुशासन, धैर्य और निरंतर मेहनत जरूरी है. कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करते हुए लगातार प्रयास करना ही सफलता का रास्ता तैयार करता है.

वरिष्ठ कलाकारों ने सराहा रितु का प्रयास

कटिहार के वरिष्ठ कलाकारों, रंगकर्मियों और कला प्रेमियों ने रितु की उपलब्धियों की सराहना की है. कलाकारों का कहना है कि ऐसे प्रतिभाशाली युवा कलाकार कटिहार की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत कर रहे हैं. उन्होंने रितु के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले समय में वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कटिहार तथा बिहार का नाम रोशन करेंगी.

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लेखक के बारे में

By सूरज कुमार गुप्ता

सूरज कुमार गुप्ता पिछले 25 वर्षों से प्रिंट मीडिया में एक्टिव है. वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत की. राजनीतिक व सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दों पर पत्रकारिता करना इनकी रुचि में शामिल है. सामाजिक कार्यो में उत्कृष्ट योगदान के लिए वर्ष 2007 में इन्हें भारत सरकार की ओर से तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से सम्मानित किया था.

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