जिले में रविवार की सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही जारी है, लेकिन हवा में अत्यधिक नमी होने के कारण तीखी और चिपचिपी उमस ने आम जनजीवन को बेहाल कर दिया है. मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और दोपहर बाद मौसम का मिजाज तेजी से बदलेगा, जिससे गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश होने के पूरे आसार हैं.
इधर, गंगा नदी के जलस्तर को देखते हुए तटीय और निचले इलाकों में बाढ़ को लेकर पहले से ही अलर्ट जारी है, ऐसे में बारिश और तेज हवाएं प्रशासन व स्थानीय ग्रामीणों की चिंता बढ़ा सकती हैं.
तापमान 29 डिग्री, लेकिन चुभन 35 डिग्री जैसी: उमस का सितम जारी
सुबह से ही लोग पसीने से तरबतर नजर आए, जिसकी मुख्य वजह वातावरण में मौजूद भारी आद्रता है:
- महसूस होने वाला तापमान (Feels Like): सुबह 9 बजे वास्तविक तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, लेकिन 80 प्रतिशत नमी के कारण लोगों को 35 डिग्री जैसी भीषण गर्मी का अहसास हो रहा है.
- हवा और AQI: हवा 11 किमी प्रति घंटे की गति से चल रही है. वहीं हवा की गुणवत्ता (AQI) 81 दर्ज की गई, जो 'संतोषजनक' श्रेणी में है.
- आज का तापमान: दिन का अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
दोपहर 2 बजे के बाद बदलेगा मौसम, शाम 4 बजे तेज बारिश के आसार
मौसम विभाग द्वारा जारी घंटों के अनुसार बारिश का पूर्वानुमान:
- सुबह 10 से दोपहर 1 बजे: हल्की बूंदाबांदी या फुहारों की 20 से 30 फीसदी संभावना.
- दोपहर 2 से 3 बजे: बादलों का घनत्व बढ़ेगा, 20 प्रतिशत तक बारिश के आसार.
- शाम 4 बजे पीक अलर्ट: गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ 40 प्रतिशत तक झमाझम बारिश की संभावना है.
आने वाले दिनों का वेदर बुलेटिन: मंगलवार को बड़े तूफान का अलर्ट
| दिन | मौसम का मिजाज | अधिकतम/न्यूनतम तापमान | अलर्ट/सावधानी |
| सोमवार | आंशिक धूप, मौसम अपेक्षाकृत साफ | 32°C / 27°C | बारिश की संभावना कम |
| मंगलवार | भारी गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान | 32°C / 26°C | येलो/ऑरेंज अलर्ट: वज्रपात का खतरा |
| बुधवार | आंशिक बादल, उमस बरकरार | 32°C / 26°C | हल्की बूंदाबांदी संभव |
| गुरुवार | बादलों की आवाजाही, चिपचिपी गर्मी | 31°C / 26°C | उमस से परेशानी |
बाढ़ प्रभावितों और किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने विशेष रूप से गंगा के निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों और किसानों को सतर्क रहने को कहा है:
- गंगा में बढ़ते जलस्तर के बीच मंगलवार को आने वाले संभावित आंधी-तूफान को देखते हुए मवेशियों को सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर रखें.
- गरज-चमक और बिजली कड़कने के दौरान खुले खेतों, बड़े पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें.
