कटिहार समाहरणालय परिसर में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब एक आवास सहायक की दो पत्नियां आपस में ही भिड़ गईं. हाथों में डंडे लिए दोनों महिलाओं के बीच तीखी बहस हुई, जो देखते ही देखते हाथापाई और गाली-गलौज में बदल गई. दोनों के बीच में फंसे पति (आवास सहायक) को छुड़ाने में पसीने छूट गए. करीब आधे घंटे तक चले इस हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह मामला शांत कराया.
पहली शादी छिपाकर धोखे से की दूसरी शादी: दूसरी पत्नी का आरोप
मामला फलका थाना क्षेत्र के पोठिया निवासी और समाहरणालय में तैनात आवास सहायक रंजीत कुमार पासवान से जुड़ा है:
- 14 साल पुराना रिश्ता और कोर्ट मैरिज: बारसोई से अपने 4 वर्षीय बेटे के साथ पहुंची दूसरी पत्नी ने बताया कि 14 साल पहले रंजीत ने खुद को अविवाहित बताकर उससे शादी की थी. 4 साल पहले दोनों ने कोर्ट मैरिज भी की, जिससे उनका एक बेटा है.
- हक मांगने पहुंची तो हुई भिड़ंत: महिला ने आरोप लगाया, "शादी के बाद पता चला कि रंजीत पहले से शादीशुदा है और उसके तीन बच्चे हैं. वह पहली पत्नी के साथ रहता है तथा मुझे और मेरे बेटे को कोई भरण-पोषण (खर्च) नहीं देता." जब महिला अपना हक मांगने समाहरणालय पहुंची, तो वहां पहले से मौजूद पहली पत्नी से उसकी भिड़ंत हो गई.
डंडा लेकर एक-दूसरे पर टूटीं, बीच-बचाव में पति की फजीहत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों महिलाएं डंडा हाथ में लेकर एक-दूसरे पर हमला करने पर उतारू हो गईं:
- सड़क पर हंगामा: समाहरणालय परिसर में दोनों के बीच जमकर गाली-गलौज और धक्का-मुक्की हुई. रंजीत कुमार बीच-बचाव कर दोनों को शांत कराने की कोशिश करता रहा, लेकिन दोनों में से कोई उसकी बात सुनने को तैयार नहीं थी.
- सुरक्षाकर्मियों ने कराया शांत: हंगामे की सूचना मिलते ही समाहरणालय के कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद दोनों महिलाओं को अलग किया.
पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी
घटना के बाद परिसर में दिनभर यह मामला सरकारी कर्मियों के बीच चर्चा का विषय बना रहा.
- दूसरी पत्नी का रुख: पीड़ित महिला का कहना है कि वह रंजीत के खिलाफ धोखाधड़ी और प्रताड़ना की लिखित शिकायत पुलिस में दर्ज कराएगी.
- पहली पत्नी का बयान: पहली पत्नी ने इस पूरे विवाद पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया और केवल इतना कहा कि रंजीत उसके साथ ही रहता है.
स्थानीय लोगों द्वारा मामले को सामाजिक स्तर पर पंचायत के माध्यम से सुलझाने की बात कही जा रही है. वहीं, पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवेदन मिलने पर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी.
