Katihar News: कटिहार जिले के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की ब्लड जांच व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. अब सदर अस्पताल पूरे जिले का केंद्रीय जांच केंद्र बनेगा, जहां अनुमंडल अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी से भेजे गए ब्लड सैंपलों की जांच की जाएगी. नई व्यवस्था पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के तहत लागू की जा रही है और मरीजों को पहले की तरह जांच की सुविधा नि:शुल्क मिलेगी.
यह बदलाव ग्रामीण और दूरदराज के मरीजों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उन्हें जांच कराने के लिए जिला मुख्यालय नहीं आना पड़ेगा. उनके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ही सैंपल लिया जाएगा और जांच सदर अस्पताल स्थित अत्याधुनिक केंद्रीय लैब में होगी.
कटिहार सदर अस्पताल बनेगा पूरे जिले का जांच केंद्र
नई व्यवस्था के तहत जिले के सभी अनुमंडल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) से ब्लड सैंपल एकत्र कर कटिहार सदर अस्पताल भेजे जाएंगे.
सदर अस्पताल के मदर चाइल्ड हॉस्पिटल के प्रथम तल पर केंद्रीय लैब स्थापित की गई है, जहां अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से सभी सैंपलों की जांच की जाएगी.
हर स्वास्थ्य केंद्र से सैंपल लाएंगे रनर बॉय
इस व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए एजेंसी की ओर से प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र के लिए रनर बॉय तैनात किए जाएंगे.
ये कर्मचारी निर्धारित समय पर संबंधित अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों से सैंपल एकत्र कर सुरक्षित तरीके से सदर अस्पताल की लैब तक पहुंचाएंगे. इससे पूरे जिले में जांच प्रक्रिया एक समान और केंद्रीकृत तरीके से संचालित होगी.
साइंस हाउस लैबोरेट्री को मिली जिम्मेदारी
कटिहार जिले में इस नई जांच व्यवस्था का संचालन साइंस हाउस लैबोरेट्री बिहार प्राइवेट लिमिटेड करेगी.
सरकार और एजेंसी के बीच हुए समझौते के अनुसार मरीजों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा. यानी सरकारी अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीजों को पहले की तरह सभी निर्धारित जांच नि:शुल्क उपलब्ध रहेंगी.
सदर अस्पताल में लगीं सात अत्याधुनिक मशीनें
जांच प्रक्रिया को आधुनिक और तेज बनाने के लिए सदर अस्पताल की केंद्रीय लैब में सात अत्याधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं.
मशीनों की स्थापना पूरी हो चुकी है और अब एजेंसी के लैब टेक्नीशियन तथा संबंधित कर्मचारियों को इनके संचालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद नई मशीनों से नियमित जांच शुरू कर दी जाएगी.
अब पहले से ज्यादा जांच होंगी उपलब्ध
नई व्यवस्था लागू होने के बाद सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध जांच सुविधाओं का दायरा भी बढ़ जाएगा.
सदर अस्पताल में 127 प्रकार की जांच, अनुमंडल अस्पताल में 106 प्रकार की जांच, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 93 प्रकार की जांच और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 61 प्रकार की जांच की सुविधा उपलब्ध होगी.
इससे सामान्य बीमारियों से लेकर गंभीर रोगों तक की विभिन्न जांच एक व्यवस्थित प्रणाली के तहत कराई जा सकेंगी.
24 घंटे जांच सुविधा देने की तैयारी
अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि मरीजों को 24 घंटे जांच सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है.
अत्याधुनिक मशीनों की मदद से कम समय में बड़ी संख्या में सैंपलों की जांच संभव होगी, जिससे रिपोर्ट मिलने में होने वाली देरी भी कम होने की उम्मीद है.
एक सप्ताह में शुरू हो सकती है नई व्यवस्था
एजेंसी के जोनल मैनेजर पारस जायसवाल ने बताया कि सभी मशीनों की इंस्टॉलेशन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. अब टेक्नीशियनों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि यदि सभी प्रक्रियाएं तय समय पर पूरी हुईं, तो करीब एक सप्ताह के भीतर आधुनिक मशीनों से जांच की सुविधा शुरू कर दी जाएगी.
Katihar News: उपाधीक्षक ने क्या कहा
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. शंभू चौधरी ने बताया कि जांच कार्य पीपीपी मोड पर एजेंसी को दिया गया है और कटिहार सदर अस्पताल पूरे जिले का जांच केंद्र हब होगा.
उन्होंने कहा कि जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों से सैंपल एकत्र कर सदर अस्पताल में जांच की जाएगी, जिससे गुणवत्ता और निगरानी दोनों बेहतर होंगी.
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