Katihar News: कटिहार. बारसोई अंचल कार्यालय में शनिवार को आयोजित जनता दरबार कई परिवारों के लिए राहत और नई शुरुआत का कारण बना. वर्षों से चले आ रहे भूमि विवादों के बीच जब दोनों पक्ष एक-दूसरे के सामने बैठे, तो माहौल तनावपूर्ण था. लेकिन बातचीत, पंचायत प्रतिनिधियों की पहल और प्रशासन की मध्यस्थता के बाद वही विवाद सुलह में बदल गया. सबसे चर्चित कचना गांव का पुराना मामला था, जहां लंबे समय से चल रही तनातनी का अंत गले मिलकर और मिठाई खिलाकर हुआ.
जनता दरबार में भूमि विवाद से संबंधित कुल तीन आवेदन आए, जिनकी सुनवाई अंचल पदाधिकारी श्यामसुंदर साह ने की. तीनों मामलों का समाधान मौके पर ही कर दिया गया, जिससे संबंधित परिवारों को लंबी कानूनी प्रक्रिया और लगातार तनाव से राहत मिली.
कचना के पुराने विवाद का सुखद अंत
कचना गांव में वादी सईदा खातून और प्रतिवादी मुस्लिम के बीच वासोवास वाली जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. स्थानीय स्तर पर कई बार प्रयास हुए, लेकिन समाधान नहीं निकल सका.
मामले को गंभीरता से लेते हुए अंचल प्रशासन के राजस्व कर्मचारी और राजस्व अधिकारी विवादित स्थल पर पहुंचे. उन्होंने दोनों पक्षों से अलग-अलग और संयुक्त रूप से बातचीत की. पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से आपसी सहमति का रास्ता तैयार किया गया.
जनता दरबार में हुआ अंतिम समझौता
स्थल पर प्रारंभिक सहमति बनने के बाद दोनों पक्षों को जनता दरबार में उपस्थित होने के लिए नोटिस दिया गया. शनिवार को बारसोई अंचल कार्यालय में आयोजित जनता दरबार में दोनों पक्षों की मौजूदगी में मामले का अंतिम रूप से समाधान कर दिया गया.
समझौता होते ही वर्षों से चली आ रही कड़वाहट खत्म हो गई. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को गले लगाया और मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की. वहां मौजूद लोगों ने इसे सामाजिक सद्भाव और प्रशासनिक पहल का सकारात्मक उदाहरण बताया.
आबादपुर और बारसोई के दो अन्य मामलों का भी निपटारा
अंचल पदाधिकारी श्यामसुंदर साह ने बताया कि जनता दरबार में आबादपुर और बारसोई से जुड़े दो अन्य भूमि विवादों का भी समाधान किया गया. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों का समय पर निपटारा होने से लोगों को अनावश्यक मुकदमेबाजी, आर्थिक बोझ और सामाजिक तनाव से राहत मिलती है.
उनके अनुसार कई बार भूमि विवाद केवल जमीन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवारों के रिश्तों और दैनिक जीवन को भी प्रभावित करता है.
Katihar News: प्रशासन ने समय पर समाधान पर दिया जोर
अंचल पदाधिकारी ने कहा कि भूमि विवादों का समाधान केवल कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि सामाजिक शांति और आपसी विश्वास बहाल करने का भी माध्यम है. उन्होंने बताया कि कई परिवार वर्षों से विवाद के कारण अपने मकानों की मरम्मत तक नहीं करा पा रहे थे.
अब विवाद समाप्त होने के बाद संबंधित परिवारों के लिए सामान्य और बेहतर जीवन जीने का रास्ता साफ हुआ है. प्रशासन का प्रयास है कि ऐसे मामलों का समयबद्ध समाधान कर लोगों को लंबे विवादों से बचाया जाए.
