कदवा में 20 घंटे बिजली गुल रहने से हाहाकार, सोनैली PSS में मरम्मत के बाद भी लो-वोल्टेज की आफत; उपभोक्ताओं ने दी आंदोलन की चेतावनी

Power Outage: कटिहार जिले के कदवा प्रखंड में भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली विभाग की घोर लापरवाही सामने आई है. सोनैली पावर सब स्टेशन (PSS) में बिना पूर्व सूचना के लगातार 20 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रहने से रात भर लोग उमस और अंधेरे में तड़पने को मजबूर रहे, वहीं आपूर्ति बहाल होने के बाद भी लो-वोल्टेज की समस्या ने मुसीबत दोगुनी कर दी है.

कटिहार के कदवा से अर्चना राय की रिपोर्ट

Power Outage: कटिहार जिले के कदवा प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों आसमान से बरसती आग और चिलचिलाती धूप के बीच विद्युत आपूर्ति की बदहाली ने स्थानीय नागरिकों का जीना मुहाल कर दिया है. बिजली विभाग की सुस्ती और लचर व्यवस्था के कारण गुरुवार सुबह से लेकर शुक्रवार सुबह तक, यानी लगातार 20 घंटे से अधिक समय तक पूरा क्षेत्र घोर अंधेरे में डूबा रहा. विभागीय अधिकारियों द्वारा समय पर सही जानकारी और अपडेट न दिए जाने के कारण विद्युत उपभोक्ताओं में विभाग के खिलाफ गहरा आक्रोश व्याप्त है. शुक्रवार सुबह देर से बिजली की आपूर्ति बहाल तो की गई, लेकिन लो-वोल्टेज (Low-Voltage) की गंभीर समस्या जस की तस बनी हुई है, जिससे पंखे और कूलर केवल शोपीस बनकर रह गए हैं.

3 घंटे का झांसा देकर पूरी रात काटा, ग्रुप में मैसेज डाल गायब हुए अधिकारी

स्थानीय उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए बताया कि गुरुवार की सुबह से ही अचानक पूरे प्रखंड क्षेत्र की बत्ती गुल हो गई.

  • विभागीय लापरवाही: दोपहर लगभग 02:00 बजे विभागीय सोशल मीडिया ग्रुप में कनीय अभियंता (JE) के माध्यम से एक संक्षिप्त सूचना दी गई कि सोनैली पीएसएस (Power Sub Station) में 33 केवी वीसीबी (VCB Replacement) को बदलने का कार्य चल रहा है, जिसके कारण अगले 2 से 3 घंटे के भीतर बिजली की आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी.
  • अंधेरे में कटी रात: इस मैसेज के बाद उपभोक्ताओं को उम्मीद थी कि शाम तक बिजली आ जाएगी. लेकिन तय समय बीतने के बाद न तो बिजली आई और न ही विभाग की ओर से कोई नया अपडेट जारी किया गया. पूरी रात बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली गायब रही, जिससे विभाग की डिजिटल मैसेंजिंग व्यवस्था की पोल खुल गई.

भीषण गर्मी में तड़पे नौनिहाल और बुजुर्ग, बच्चों की पढ़ाई ठप

जनजीवन बेहाल: मई महीने की इस रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और उमस भरी रात में बिना बिजली के लोगों का हाल पूरी तरह बेहाल रहा. कड़कड़ाती धूप के बाद रात में हवा न चलने से घरों के भीतर थर्मल रेडिएशन के कारण कमरे भट्ठी की तरह तप रहे थे.

ग्रामीणों ने बताया कि रात भर बिजली न रहने से सबसे ज्यादा कष्ट नवजात बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बीमार बुजुर्गों को उठाना पड़ा. सही से नींद न आने और अत्यधिक पसीना बहने के कारण कई बुजुर्गों और बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी है. इसके अलावा, शाम के समय अचानक बत्ती गुल होने से बोर्ड परीक्षाओं और आगामी टेस्ट की तैयारी कर रहे स्कूली बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो गई, वहीं गृहणियों को घने अंधेरे में खाना बनाने और अन्य घरेलू काम निपटाने में भारी मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी.

मेंटेनेंस की पूर्व सूचना देने की मांग, उग्र आंदोलन की चेतावनी

शुक्रवार की सुबह लगभग 10:30 बजे जैसे-तैसे सोनैली ग्रिड से बिजली तो छोड़ी गई, लेकिन वोल्टेज इतना कम है कि पानी की मोटर (पंप) चलना तो दूर, एक एलईडी बल्ब भी ठीक से नहीं जल पा रहा है. इस समस्या से आजिज आकर कदवा के प्रबुद्ध नागरिकों और उपभोक्ताओं ने विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता (EE) और सहायक अभियंता (AE) से इस समस्या का स्थाई समाधान निकालने की पुरजोर अपील की है.

उपभोक्ताओं की मुख्य मांगें:

  1. एडवांस नोटिस: ग्रिड या ट्रांसफार्मर में किसी भी प्रकार के मेंटेनेंस (मरम्मत) कार्य से कम से कम 24 घंटे पहले समाचार पत्रों या लाउडस्पीकर के माध्यम से आम जनता को सूचित किया जाए.
  2. डेडलाइन का पालन: यदि काम के लिए 3 घंटे का समय तय किया गया है, तो उसे तय समय सीमा के भीतर ही पूरा किया जाए, न कि पूरी रात सप्लाई बंद रखी जाए.
  3. नया ट्रांसफार्मर: लो-वोल्टेज की समस्या से निजात दिलाने के लिए सोनैली पीएसएस में अतिरिक्त क्षमता का ट्रांसफार्मर और वीसीबी स्थापित किया जाए.

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अगले 48 घंटों के भीतर कदवा प्रखंड में निर्बाध बिजली आपूर्ति और वोल्टेज की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे सोनैली विद्युत सब स्टेशन का घेराव कर सड़क जाम और उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी.

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By Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे दैनिक जागरण में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने टी. एन. बी. कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक किया है, जिसके कारण साहित्य, पठन-पाठन, लेखन और कविता-सृजन में उनकी विशेष रुचि है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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