Aaj Ka Darshan : कटिहार से सूरज गुप्ता की रिपोर्ट. सोमवार के पावन अवसर पर कटिहार शहर के प्रसिद्ध कष्टहरण नाथ गौरीशंकर मंदिर में आज सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है. बाबा भोलेनाथ के जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए भक्त बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचेंगे. शहर का यह प्राचीन शिव मंदिर वर्षों से लोगों की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है.
100 साल से ज्यादा पुराना है यह प्रसिद्ध शिव मंदिर
कटिहार शहर के डॉ राजेंद्र प्रसाद पथ स्थित बाटा चौक के समीप बना कष्टहरण नाथ गौरीशंकर मंदिर बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के अधीन है. स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यह मंदिर 1910 या उससे भी पहले से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है. लोगों का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से जलाभिषेक करने पर बाबा भोलेनाथ भक्तों के कष्ट दूर करते हैं.
सुबह-शाम होती है विशेष पूजा और आरती
मंदिर के पुजारी हेमचंद्र भारती ने बताया कि यहां हर दिन सुबह और शाम पूजा-अर्चना और आरती होती है. सुबह 7 बजे से पूजा शुरू होती है, जबकि करीब 8 बजे आरती की जाती है. वहीं शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक पूजा का समय निर्धारित है. रात्रि आरती के बाद मंदिर के पट बंद कर दिए जाते हैं.
एक ही परिसर में कई देवी-देवताओं के मंदिर
कष्टहरण नाथ गौरीशंकर मंदिर परिसर में मुख्य मंदिर भगवान शिव का है, जहां शिवलिंग पर श्रद्धालु जलाभिषेक करते हैं. इसके अलावा परिसर में माता पार्वती, राधा-कृष्ण और हनुमान जी के अलग-अलग मंदिर भी बने हुए हैं. यही वजह है कि यहां हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं.
सावन और शिवरात्रि में लगता है भक्तों का मेला
मंदिर में सावन और महाशिवरात्रि के दौरान विशेष भीड़ उमड़ती है. सावन के हर सोमवार को यहां विशेष पूजा और जलाभिषेक का आयोजन किया जाता है. त्योहारों के समय मंदिर के आसपास पार्किंग की समस्या भी रहती है, इसलिए श्रद्धालुओं को पैदल या स्थानीय साधनों से आने की सलाह दी जाती है.
रेलवे स्टेशन से पहुंचना है बेहद आसान
यदि आप इस मंदिर में दर्शन के लिए जाना चाहते हैं तो कटिहार जंक्शन से ऑटो, रिक्शा या पैदल आसानी से मंदिर पहुंच सकते हैं. शहर के बीचोंबीच स्थित होने के कारण यहां पहुंचना काफी सुविधाजनक माना जाता है.
