हर आधे घंटे में कट रही बिजली, इनवर्टर भी दे रहे जवाब
गुरुवार को वार्ड नंबर 30 सहित शहर के कई इलाकों में बिजली की स्थिति बेहद दयनीय रही. दिनभर हर आधे घंटे पर 10 से 15 मिनट के लिए बिजली गुल होती रही, जिससे चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी में लोग बेहाल दिखे. लगातार हो रही ट्रिपिंग के कारण घरों और दुकानों में लगे इनवर्टर भी पूरी तरह डिस्चार्ज होकर जवाब दे गए हैं. पानी की समस्या के साथ-साथ लोगों को रातें अंधेरे में गुजारनी पड़ रही हैं. इसी फजीहत से तंग आकर आक्रोशित उपभोक्ताओं ने वार्ड पार्षद नितेश कुमार निक्कू से मुलाकात कर अपनी गंभीर समस्याओं से अवगत कराया.
जर्जर तार और हांफते ट्रांसफार्मर बने नासूर, हल्की आंधी में भी ठप होती है सप्लाई
उपभोक्ताओं ने विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वार्ड 30 की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह वेंटिलेटर पर है. क्षेत्र में लोड शेडिंग, जर्जर तारों का बार-बार टूटना, ट्रांसफार्मर के जम्पर उड़ना और फेज में तकनीकी खराबी आना अब रोज की बात हो गई है. स्थिति इतनी संवेदनशील है कि महज हल्की सी हवा या मामूली बारिश होते ही पूरी आपूर्ति घंटों के लिए ठप कर दी जाती है. गर्मी के इस मौसम में ओवरलोडिंग के कारण आए दिन तार टूटकर सड़कों पर गिर रहे हैं, जिससे बड़े हादसों का खतरा भी बना रहता है.
मेंटेनेंस के नाम पर सरकारी राशि का बंदरबांट, हालात जस के तस
स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग पर भ्रष्टाचार और लापरवाही का सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि हर साल मानसून से पहले और मेंटेनेंस के नाम पर विभाग कागजों पर मोटी रकम खर्च दिखाता है. जर्जर तारों और जम्परों को बदलने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर हालात सुधरने के बजाय और ज्यादा बदतर हो जाते हैं. उपभोक्ताओं ने दो टूक कहा कि अगर हम समय पर बिजली बिल का भुगतान करते हैं, तो हमें निर्बाध बिजली क्यों नहीं मिल रही है.
पार्षद ने दी विभाग को सख्त चेतावनी: सुधार न होने पर ठप होगा दफ्तर
वार्ड 30 के उपभोक्ताओं की एकजुटता और गंभीर समस्या को देखते हुए वार्ड पार्षद नितेश सिंह निक्कू तुरंत एक्शन में आए. उन्होंने मौके से ही बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता और अन्य आला अधिकारियों को फोन कर ग्रिड और फीडर की बदहाली से रूबरू कराया. पार्षद ने अधिकारियों को कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अगले 48 घंटों के भीतर वार्ड 30 की जर्जर तारों को दुरुस्त कर बिजली आपूर्ति नियमित नहीं की गई, तो वे उपभोक्ताओं के साथ मिलकर विभागीय कार्यालय का घेराव करेंगे और लोकतांत्रिक तरीके से सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे. बिजली संकट को लेकर अब शहर के अन्य वार्डों के लोग भी एकजुट होकर बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं.
कटिहार से सरोज कुमार की रिपोर्ट:
