कटिहार जिले के कुरसेला में अवैध रूप से संचालित हो रहे निजी नर्सिंग होम, पैथोलॉजी लैब और अल्ट्रासाउंड केंद्रों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) के निर्देश पर गठित जांच दल ने कुरसेला के विभिन्न इलाकों में ताबड़तोड़ औचक निरीक्षण किया. प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से फर्जी और अवैध क्लीनिक संचालकों में पूरे दिन हड़कंप मचा रहा.
इन प्रमुख इलाकों में हुई सघन छापेमारी
जांच दल ने कुरसेला के कई व्यस्त और प्रमुख क्षेत्रों में सक्रिय अवैध स्वास्थ्य केंद्रों पर अचानक दबिश दी:
- छापेमारी के मुख्य केंद्र: कुरसेला चौक, मजदिया रोड और नवाबगंज चौक सहित आसपास के इलाकों में स्थित नर्सिंग होम और जांच केंद्रों पर जांच की गई.
- शटर गिराकर फरार हुए संचालक: जांच टीम की भनक लगते ही कई अवैध केंद्रों के संचालक आनन-फानन में शटर गिराकर और ताला जड़कर मौके से भाग खड़े हुए.
रजिस्ट्रेशन से लेकर कर्मियों की डिग्री तक की हुई बारीकी से जांच
जांच टीम ने निजी क्लीनिकों में पहुंचकर मानकों और नियमों की बिंदुवार पड़ताल की:
- दस्तावेजों की जांच: क्लीनिक के वैध रजिस्ट्रेशन, रिन्यूअल सर्टिफिकेट और संचालन से जुड़े अनिवार्य कागजात तलब किए गए, जिनमें से अधिकांश संचालक दस्तावेज दिखाने में पूरी तरह नाकाम रहे.
- कर्मियों की योग्यता: स्वास्थ्य कर्मियों, नर्सों और टेक्नीशियनों की आवश्यक शैक्षणिक योग्यता व मेडिकल डिग्री की जांच की गई.
- बुनियादी सुविधाएं व स्वच्छता: मरीजों के लिए जीवनरक्षक उपकरणों की उपलब्धता, जरूरी चिकित्सीय व्यवस्था और परिसर में साफ-सफाई के मानकों का जायजा लिया गया, जहां भारी खामियां पाई गईं.
जिला प्रशासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट, होगी कड़ी कार्रवाई
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अमर लाल ने बताया कि औचक निरीक्षण के दौरान कई निजी नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी केंद्रों में गंभीर अनियमितताएं और कमियां सामने आई हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच दल द्वारा तैयार की गई विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जा रही है, जिसके आधार पर बिना मान्यता और अवैध तरीके से संचालित हो रहे सभी केंद्रों पर कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.
