फलका प्रखंड के भंगहा गांव में दो दिवसीय संतमत ध्यान महाधिवेशन सत्संग का आयोजन बुधवार क़ो किया गया. संतमत ध्यान महाधिवेशन का उद्घाटन अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता हरिद्वार से आए स्वामी सत्यानंद जी महाराज ने सतगुरु महाराज के उद्घोष के बीच दीप प्रज्वलित कर किया. संतमत सत्संग के प्रथम दिन अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता स्वामी सत्यानंद जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि संसार में जो मनुष्य अपने माता- पिता की सेवा करेगा. उन्हें स्वर्ग निश्चित ही मिलेगा. क्योंकि माता पिता के सेवा से ही स्वर्ग जा सकते हैं. उन्होंने संतों की महिमा का गुणगान करते हुए बताया कि मनुष्य जीवन सुख-दुख का सुमेल है. घर-घर में समस्याएं हैं. सुख तो सत्संग में ही मिलता है. मस्ती के लूटे खजाने सतगुरु के दरबार में, क्यों खुशी ढूंढता पगले तू नश्वर संसार में. सत्संग में आकर आत्मबल बढ़ता है. अपने प्रवचन में आगे कहा कि झूठ, चोरी, हिंसा, नशा, जहां होता है. कलयुग महाराज का पदार्पण होता है. जहां जुआ खेला जाता है व मांस मछली बेचा जाता है. वहां भी कलयुग महाराज अपना डेरा जमा लेते हैं. उन्होंने कहा कि धन्य है भंगहा ग्राम की धरती क्योंकि यहां 20 वीं सदी के महान संत महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज का कर्मभूमि भंगहा गांव रहा है. खूबसूरत भव्य पंडाल में स्वामी सत्यानंद जी को सुनने आए हजारों श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए स्वामी सत्यानंद जी महाराज ने कहा कि संतों की कृपा से पापियों के पाप का नाश हो जाता है. उन्होंने अपने प्रवचन में संतों के विचारों को धारण करने की बात कही. पोठिया, शब्दा, लोहनी, रंगाकोल, महेशपुर, गोविंदपुर गोपालपट्टी, फलका टपुआ, बरेटा आदि गांव से हजारों श्रद्धालू स्वामी जी के दर्शन व उनके प्रवचन को सुनने जनसैलाब उमड़ पड़ा था. स्वास्थ्य सेवा भी उपलब्ध कराए गए थे. गांव वासी दिलो जान से सेवा को आतुर दिखे. सत्संग महा अधिवेशन में अन्य बाबा ने भी अपने प्रवचन से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया.
जो माता-पिता का सेवा करेगा, वह स्वर्ग में जायेगा, सत्यानंद
जो माता-पिता का सेवा करेगा, वह स्वर्ग में जायेगा, सत्यानंद

जो माता-पिता का सेवा करेगा, वह स्वर्ग में जायेगा, सत्यानंद