कटिहार जिले के बारसोई प्रखंड में सोमवार को सुहाग, त्याग और अटूट आस्था का महापर्व हरितालिका तीज अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ. पति की दीर्घायु, अखंड सौभाग्य तथा सुखी दांपत्य जीवन की मंगलकामना को लेकर सुहागिन महिलाओं ने पूरे 24 घंटे का निर्जला उपवास रखकर देवाधिदेव महादेव और माता पार्वती की विधिवत आराधना की.
बारसोई बाजार स्थित ऐतिहासिक एवं अति प्राचीन श्री विष्णु मंदिर में सुबह से ही व्रती महिलाओं का तांता लगा रहा. सोलह श्रृंगार से सुसज्जित महिलाएं हाथों में पूजन सामग्री, फल, फूल और सुहाग पिटारी लिए मंदिर परिसर में पहुंचीं, जिससे पूरा वातावरण 'हर-हर महादेव' और माता गौरी के जयकारों से भक्तिमय हो उठा.
माता पार्वती के संकल्प और प्रेम का प्रतीक है तीज: आचार्य रमेश पांडे
मंदिर के मुख्य पुरोहित आचार्य रमेश पांडे ने उपस्थित सुहागिनों को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हरितालिका तीज व्रत की पावन कथा सुनाई:
- तपस्या और संकल्प: आचार्य ने बताया कि भाद्रपद शुक्ल तृतीया को माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए अन्न-जल त्यागकर घोर जंगल में बालू के शिवलिंग बनाकर कठोर तप किया था.
- अखंड सुहाग का वरदान: माता के इसी अटूट समर्पण और तपस्या से प्रसन्न होकर भोलेनाथ ने उन्हें अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया था. इसी स्मृति में हर युग की सुहागिनें अपने पति की रक्षा और दांपत्य सुख की कामना के साथ यह निर्जला साधना करती हैं.
मंदिर परिसर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
दिनभर चले इस धार्मिक अनुष्ठान में व्रतियों ने बालू व मिट्टी के गौरी-शंकर की प्रतिमाओं का अभिषेक किया और पारंपरिक तीज गीतों के साथ सुख-समृद्धि की मंगलकामना की. निर्जला व्रत होने के बावजूद महिलाओं के चेहरों पर भक्ति और निष्ठा का तेज साफ झलक रहा था.
मंदिर कमेटी ने संभाली सुगम दर्शन की कमान
भीड़ और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए श्री विष्णु मंदिर कमेटी ने चाक-चौबंद व्यवस्था की थी:
- कमेटी के पदाधिकारी: मंदिर कमेटी के अध्यक्ष मुन्ना लाल भगत, सचिव अजय कुमार साहा तथा कोषाध्यक्ष अरविन्द कुमार गुप्ता ने पूजा व्यवस्था की कमान संभाली.
- सहयोगी सदस्य: आयोजन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाए रखने में सदस्य वीरेन्द्र कुमार, संजीव कुमार दास, आनन्द कुमार गुप्ता, सागर कुमार साह सहित अन्य स्थानीय युवाओं व कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका रही.
